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प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य नहीं: केंद्रीय ऊर्जा मंत्री

*दिल्ली*
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि बिजली के प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य नहीं है। यह एक वैकल्पिक व्यवस्था है। इसे अनिवार्य नहीं बनाया गया है। इसके साथ उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता और बिजली वितरण कंपनी दोनो को लाभ होता है।लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान प्रीपेड को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब देते हुए ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि स्मार्ट मीटर जबरदस्ती लगाए जा रहे हैं।
मंत्री ने साफ कहा कि कोई बिजली उपभोक्ता प्रीपेड स्मार्ट मीटर नहीं लगवाना चाहता है, तो उसे वाध्य नहीं किया जाएगा। उसे पुराने मीटर से बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।लोग बिल नहीं भरते थेऊर्जा मंत्री ने हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थे, तब उनके पास बिजली मंत्रालय का भी प्रभार रहा था। उस वक्त कई उपभोक्ता बिजली का बिल नहीं देने को अपना बड़प्पन समझते थे, तब उन्होंने सख्त निर्णय लेते हुए सभी बकायदारों का बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश दिए थे। असर यह हुआ है कि अब हरियाणा के ज्यादातर गांवों में उपभोक्ता बिल का भुगतान करते हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह कई अन्य जगहों पर लोग सालों तक बिजली के बिल नहीं भरते, ऐसे में उन्हें बाध्य करने के लिए प्रीपेड मीटर लगाने पर ही बिजली आपूर्ति की जाती है ताकि उनके बिल लंबित नहीं रहें।
कंपनियों को फायदा:
मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि जहां-जहां प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं, वहां बिजली वितरण कंपनियों के घाटे खत्म हुए हैं और वह मुनाफे में आ गई हैं। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनियां व्यावसायिक होती हैं। यह वितरण कंपनियों कोई सेवा कार्य नहीं कर रहीं। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रीपेड मीटर लगाने से उपभोक्ताओं, राज्य और निजी कंपनियों, सभी को लाभ होता है। उपभोक्ता भी छोटी अ‌वधि के लिए रिचार्ज करा सकते हैं। इससे पहले बिजली वितरण कंपनियां नुकसान में रहती थीं।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर: पहले रिचार्ज करना होगा:
बिजली वितरण कंपनी आपके घर पर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाती है, तो घर की बिजली चालू करने के लिए आपको प्रीपेड मोबाइल की तर्ज पर पहले रिचार्ज कराना होगा। उपभोक्ता जितनी राशि का रिचार्ज कराएगा उतनी राशि की यूनिट खर्ज करने के बाद आपूर्ति बंद हो जाएगी। दोबारा रिचार्ज कराने पर कुछ मिनटों के बाद बिजली शुरू हो जाएगी। हालांकि, कुछ जगह बैलेंस खत्म होने पर भी तीन दिन तक बिजली चलती रहती है, ताकि उपभोक्ता रिचार्ज करा सके।-देश में मार्च 2026 तक 5.5 करोड़ प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं।
*रिपोर्टर यूनुश सिद्दीकी
हरदोई*

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