बांदा: पैलानी क्षेत्र की साड़ी खंड-1 बालू खदान प्रकरण में फर्जी मुकदमा, शालिनी सिंह पटेल ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की
बांदा: पैलानी क्षेत्र की साड़ी खंड-1 बालू खदान प्रकरण में फर्जी मुकदमा, शालिनी सिंह पटेल ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की
पत्रकारों और निर्दोषों को फंसाने के आरोप में प्रशासन पर उठे सवाल
चित्रकूट धाम मंडल के अंतर्गत जनपद बांदा के पैलानी तहसील क्षेत्र में ग्राम साड़ी, खंड संख्या-1 में संचालित बालू खदान प्रकरण ने अब गंभीर एवं चिंताजनक रूप धारण कर लिया है। जनता दल (यूनाइटेड) की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने इस मामले में उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जनपद के पैलानी क्षेत्र में 21 मार्च 2026 को दर्ज मुकदमा संख्या 0067 में वरिष्ठ पत्रकार महेश द्विवेदी समेत सात नामजद और चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ रंगदारी जैसे गंभीर आरोप लगाकर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया। मुकदमा दर्ज कराने वाले अंकित सिंह, निवासी गाजियाबाद (सेक्टर-4 वैशाली, इंदिरापुरम, ट्रांस हिंडन कमिश्नरेट) पर प्रकरण को मनगढ़ंत तथ्यों पर आधारित रखने का आरोप है। प्रथम दृष्टया यह मामला पूरी तरह संदिग्ध और षड्यंत्रपूर्ण प्रतीत होता है।ग्राम साड़ी के पंकज चतुर्वेदी और अन्य निर्दोष व्यक्तियों को भी इस प्रकरण में दुर्भावनापूर्ण तरीके से फंसाने का आरोप है। शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि पत्रकारों और समाजसेवियों के खिलाफ इस तरह के झूठे मुकदमे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं और उनकी आवाज को दबाने का प्रयास है।उन्होंने जोर देकर कहा कि यह प्रकरण प्रशासनिक निष्पक्षता, कानून के शासन और जनता के विश्वास से जुड़ा संवेदनशील मामला है। शालिनी सिंह पटेल ने मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की जाए, जिसमें सभी संबंधित व्यक्तियों की मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का वैज्ञानिक परीक्षण शामिल हो। यदि जांच में मामला असत्य और षड्यंत्रपूर्ण पाया गया तो फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वालों के खिलाफ तुरंत कठोर कार्रवाई की जाए।इस मामले में पुलिस-प्रशासन और खनन माफिया के संभावित गठजोड़ की भी गहन जांच की जरूरत बताई गई है और अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाने, आवश्यकतानुसार विशेष टास्क फोर्स गठित करने की भी मांग की गई है। शालिनी सिंह पटेल ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो यह जनआक्रोश का विषय बन सकता है।