लोकतंत्र की हत्या या राजनीतिक प्रतिशोध? आधी रात को खुला विधानसभा सचिवालय, कांग्रेस का भारी हंगामा
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग और राजनीतिक विद्वेष की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया है। ताजा मामला कांग्रेस विधायक श्री राजेंद्र भारती की सदस्यता को आनन-फानन में खत्म करने की कोशिशों से जुड़ा है।
आधी रात को खुला सचिवालय: कांग्रेस का कड़ा विरोध
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार के दबाव में विधानसभा सचिवालय को देर रात खोला गया ताकि विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त करने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा सके। घटना की भनक लगते ही वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री पीसी शर्मा तत्काल सचिवालय पहुँचे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी भी मौके पर पहुँचे। उन्होंने सचिवालय के अधिकारियों से इस असामान्य कार्रवाई पर सवाल किए, जिसका कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल सका।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम:
सत्ता का दुरुपयोग: कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था (विधानसभा सचिवालय) ने भाजपा सरकार के आगे पूरी तरह घुटने टेक दिए हैं।
अलोकतांत्रिक रवैया: सचिवालय को रात के समय खोलकर की जा रही कार्रवाई को कांग्रेस ने "लोकतंत्र को कुचलने वाला कृत्य" करार दिया है।
अराजकता और गुंडागर्दी: जीतू पटवारी ने सरकार की इस हठधर्मिता को भाजपा की 'गुंडागर्दी' बताते हुए कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है।
"पूरी ताकत से लड़ेंगे" – जीतू पटवारी
मीडिया से बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा:
"भाजपा राजनीतिक विद्वेष की भावना से काम कर रही है। एक चुने हुए जनप्रतिनिधि की सदस्यता को खत्म करने के लिए जिस तरह से तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह अस्वीकार्य है। कांग्रेस इस तानाशाही का पूरी ताकत से मुकाबला करेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक लड़ेगी।"
निष्कर्ष: इस घटना ने मध्य प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है। विपक्ष अब इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने और कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहा है। विधानसभा सचिवालय की कार्यप्रणाली पर उठ रहे ये सवाल प्रदेश की संवैधानिक मर्यादा के लिए चिंता का विषय बन गए हैं