बचपन में सबसे पहली आवाज हम लोगों के कानों में कोई पड़ी थी, तो वह थी आकाशवाणी की।
बचपन में सबसे पहली आवाज हम लोगों के कानों में कोई पड़ी थी, तो वह थी आकाशवाणी की।
लोक सेवा प्रसारण एवं सांस्कृतिक संवहन में अभूतपूर्व योगदान देने वाले आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस पर आज लखनऊ में आयोजित सम्मान समारोह एवं सांस्कृतिक संध्या के भव्य शुभारंभ कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ।
इस अवसर पर पद्म पुरस्कार प्राप्त विभूतियों एवं अपनी प्रस्तुति के माध्यम से आकाशवाणी को संवर्धन देने वाले वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को भी सम्मानित किया।
88 वर्षों की इस शानदार यात्रा के लिए आकाशवाणी लखनऊ के पूरे परिवार को हृदय से बधाई।