logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

चक्रधरपुर रेल मंडल ने रचा नया इतिहास, वित्तीय वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड आय और प्रदर्शन

जमशेदपुर(चकधरपुर): दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल (सीकेपी) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपने प्रदर्शन से नया कीर्तिमान स्थापित किया है। माल ढुलाई, यात्री राजस्व, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे लगभग सभी क्षेत्रों में मंडल ने अब तक की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धियां हासिल की हैं।
माल ढुलाई के क्षेत्र में चक्रधरपुर मंडल ने 154.97 मिलियन टन की रिकॉर्ड लोडिंग दर्ज की, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के 154.07 मिलियन टन से अधिक है। इस उपलब्धि से मंडल को ₹13,098.85 करोड़ की आय प्राप्त हुई। वहीं, मार्च 2026 में 15.82 मिलियन टन की अब तक की सबसे अधिक मासिक लोडिंग दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष मार्च 2025 के 14.61 मिलियन टन से अधिक है। कुल मिलाकर मंडल ने 229.9 मिलियन टन माल की हैंडलिंग की, जिसमें 154.97 मिलियन टन लोडिंग और 74.94 मिलियन टन अनलोडिंग शामिल है।
मंडल ने माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए 98 किलोमीटर के स्वचालित सेक्शन का संचालन शुरू किया है और दो गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनलों को चालू किया गया है। इसके साथ ही लोडिंग समय में 7.4% और अनलोडिंग समय में 13.17% की कमी दर्ज की गई है।
यात्री सेवाओं में भी मंडल ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वित्त वर्ष 2025-26 में 184.15 लाख यात्रियों ने यात्रा की, जिससे ₹2533 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष के ₹2527 करोड़ से अधिक है। अन्य कोचिंग राजस्व ₹31.09 करोड़ रहा, जबकि टिकट चेकिंग से ₹216.57 करोड़ की आय हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 43% अधिक है।
विविध आय के क्षेत्र में भी मंडल ने शानदार प्रदर्शन किया है। विज्ञापन, पार्किंग और खानपान से ₹14.56 करोड़ की आय हुई, जो पिछले वर्ष से 17.28% अधिक है। पार्सल सेवा से ₹3.51 करोड़ और गैर-किराया राजस्व (एनएफआर) से ₹6.61 करोड़ की आय दर्ज की गई है।
यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए टाटानगर और राउरकेला स्टेशनों पर पहली बार डिजिटल लॉकर की सुविधा शुरू की गई है। इसके अलावा तीन नई लिफ्ट और दो एस्केलेटर लगाए गए हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए 1025 यूआईडी कार्ड जारी किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक हैं।
सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी मंडल ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 172.5 किलोमीटर ट्रैक का संपूर्ण स्लीपर नवीनीकरण किया गया है और 24 लेआउट सुधार किए गए हैं। सिग्नल फेल्योर में 25% की कमी आई है। झारसुगुड़ा में ट्रेनों की भीड़ कम करने के लिए ट्रेन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) लागू किया गया है और छह स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली शुरू की गई है।
इसके अलावा, छह आईसीएफ रेक को एलएचबी कोच में परिवर्तित किया गया है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा में वृद्धि होगी। मंडल के चार आरओएच डिपो में 13,208 वैगनों का रिकॉर्ड आउटरन दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष से 19% अधिक है।
वित्तीय प्रबंधन में भी मंडल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। SERAP निपटान से ₹138.44 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ और ₹295.02 करोड़ की रिकॉर्ड बचत हासिल की गई। साथ ही CAPEX और राजस्व अनुदान का 100% उपयोग सुनिश्चित किया गया।
इन उपलब्धियों के साथ चक्रधरपुर मंडल ने यह साबित कर दिया है कि वह भारतीय रेल के सबसे अग्रणी और कुशल मंडलों में से एक बन चुका है।

2
0 views

Comment