अत्याचार के मामलों में दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई: कलेक्टर राघवेंद्र सिंह
जबलपुर | अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज कलेक्टर कार्यालय में जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में पीड़ितों को न्याय और सहायता पहुँचाने के लिए कई कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई पर जोर
कलेक्टर श्री सिंह ने स्पष्ट किया कि एससी-एसटी वर्ग के व्यक्तियों पर होने वाले अत्याचार के मामलों में प्रशासन पूरी संवेदनशीलता बरते। उन्होंने पुलिस और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि:
दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध त्वरित और सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर उनमें तेजी लाई जाए ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
राहत राशि वितरण की बाधाएं होंगी दूर
बैठक का मुख्य केंद्र पीड़ितों को मिलने वाली आर्थिक सहायता रही। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि:
राहत राशि के वितरण में किसी भी प्रकार का विलंब न हो।
वितरण प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी या प्रशासनिक कठिनाइयों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
अजाक थाने से प्राप्त सूची के आधार पर, जिन पीड़ितों के पास जाति प्रमाण पत्र नहीं हैं, संबंधित SDM के माध्यम से उनके प्रमाण पत्र प्राथमिकता के आधार पर बनवाए जाएं।
बैठक में मुख्य उपस्थिति
इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे:
प्रशासनिक अधिकारी: पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य सी.के. दुबे, जिला लोक अभियोजन अधिकारी।
समिति सदस्य: जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुनीता दाहिया, सुश्री एकता ठाकुर और पार्षद श्री विवेकराम सोनकर।
मुख्य बिंदु: प्रशासन का लक्ष्य अत्याचार के मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाना और पीड़ित पक्ष को तत्काल राहत पहुँचाना है।
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