आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत, काम के दबाव और वेतन न मिलने के आरोप
शाहजहांपुर।
सदर बाजार क्षेत्र में तैनात एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने काम के अत्यधिक दबाव और चार महीने से वेतन न मिलने को मौत की वजह बताया है। मामले में बेटी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) और नगर निगम के एक कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
गदियाना निवासी 45 वर्षीय प्रीति एमनजई जलालनगर स्थित बूथ नंबर 118 पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं। बुधवार शाम उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद निधन हो गया। परिवार में पति संतोष, बेटी स्मिता और एक बेटा है।
मृतका की बेटी स्मिता ने आरोप लगाया कि उनकी मां को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला था, जबकि अधिकारियों द्वारा लगातार काम का दबाव बनाया जा रहा था। स्मिता ने एंबुलेंस में एक वीडियो बनाकर वायरल किया, जिसमें उन्होंने डीपीओ और नगर निगम के कर्मचारी को मां की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया।
स्मिता के अनुसार, उनकी मां का बैंक खाता बंद हो गया था। खाता अपडेट कराने के लिए वे कई बार कार्यालय गईं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। आरोप है कि इस दौरान डीपीओ ने उन्हें डांटकर अपमानित भी किया। इसके बाद से उनकी मां तनाव में रहने लगीं।
परिजनों का कहना है कि बार-बार तबीयत खराब होने के बावजूद काम का दबाव कम नहीं किया गया। काम न करने पर शिकायत की धमकी दी जाती थी, जिससे प्रीति मानसिक रूप से टूटती चली गईं।
मृतका के पति संतोष ने बताया कि खाता ठीक कराने के लिए कई बार विकास भवन और अन्य कार्यालयों के चक्कर लगाए गए, लेकिन वेतन जारी नहीं हुआ। बुधवार को खाता ठीक होने की बात कही गई, परंतु भुगतान नहीं मिला।
मामले का वीडियो सामने आने के बाद जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और सभी आरोपों की जांच नगर मजिस्ट्रेट से कराई जा रही है। गुरुवार रात तक रिपोर्ट मांगी गई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी।