बेंगलुरु में हनुमान जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ भव्य रूप से सम्पन्न
बेंगलुरु (दलपतसिंह भायल)। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर श्री कर्नाटक वैष्णव समाज संघ के सानिध्य में श्री वैष्णव समाज (च.सं.) श्री श्रीनगर मंडल द्वारा आयोजित श्री हनुमान जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाजबंधु एवं भक्तजन उपस्थित हुए और भगवान हनुमान के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की।
कार्यक्रम का शुभारंभ भव्य भजन संध्या के साथ हुआ, जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक गजेन्द्रजी वैष्णव एवं हेमंत जोशी पार्टी ने एक से बढ़कर एक सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। “जय हनुमान ज्ञान गुण सागर” एवं अन्य भक्तिमय भजनों की स्वर लहरियों से पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो गया। श्रद्धालु देर रात तक भजनों पर झूमते रहे और भक्ति में लीन नजर आए। इस दौरान मंच संचालन पंकज खत्री ने कुशलतापूर्वक करते हुए कार्यक्रम को आकर्षक बनाए रखा।
भजन संध्या के पश्चात देर रात तक धार्मिक माहौल बना रहा। कार्यक्रम स्थल श्री निम्बार्क कल्याण मण्डप, आर.टी. स्ट्रीट को आकर्षक विद्युत सजावट एवं धार्मिक झांकियों से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत नजर आया।
अगले दिन प्रातःकाल विशेष पूजा-अर्चना के साथ प्रसादी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा के साथ भगवान हनुमान की आराधना कर प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला तथा सभी ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में समाज के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। प्रमुख रूप से अध्यक्ष तेजु दास जी, उपाध्यक्ष रतन दास आसरलाई एवं पूनम दास जी, कोषाध्यक्ष रमेश जी अटपड़ा, गोवर्धन दास जी देवली, गणपत दास जी मांढा, पारस जी, अमर दास जी बासनी, मदन दास जी बासनी, सुगन दास जी, कन्हैया लाल जी, घनश्याम दास जी, जितेंद्र जी, राकेश जी आसरलाई, निर्मल जी कंटालिया, सुरेश दास आसरलाई, नरेंद्र जी बांसिया, पोकर दास जी सहित कर्नाटक समाज संघ के अध्यक्ष महेंद्र कुमार जी टुमकुर एवं नारायण दास जी बांता सहित अनेक समाजसेवियों का सराहनीय सहयोग रहा।
आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, दानदाताओं एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में एकता, भाईचारा एवं आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने भविष्य में भी इसी तरह के आयोजन निरंतर करते रहने का संकल्प व्यक्त किया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना, बल्कि समाज के लोगों के लिए एकजुटता और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने का भी प्रेरणादायक अवसर साबित हुआ।