फिटनेस, चेकिंग और कार्रवाई की होगी गहन जांच, सभी जिलों के अफसर तलब
स्कूल वाहनों पर सख्ती: 9 अप्रैल को मण्डलायुक्त करेंगीं बड़ी समीक्षा बैठक
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अलीगढ़ 1 अप्रैल 2026 स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। मण्डलायुक्त संगीता सिंह की अध्यक्षता में 9 अप्रैल को अपरान्ह 3 बजे कमिश्नरी सभागार में मण्डल के सभी जिलों में संचालित स्कूल वाहनों की स्थिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।
संयुक्त विकास आयुक्त मंशाराम यादव ने बताया कि बैठक में स्कूलों में चल रहे वाहनों की स्थिति का व्यापक आकलन किया जाएगा। इसमें विद्यालयों की बोर्डवार संख्या, कुल संचालित वाहन, फिट और अनफिट वाहनों का ब्यौरा, सत्यापन एवं चेकिंग के बाद की गई कार्रवाई और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा होगी।
इस अहम बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), संभागीय एवं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, संयुक्त शिक्षा निदेशक, बेसिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, यातायात पुलिस अधीक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहेंगे।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, समीक्षा के दौरान लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। साथ ही, स्कूल वाहनों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन के लिए नई रणनीति भी बनाई जाएगी, जिससे बच्चों की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित हो सके।
➡️ग्राम पंचायतों में खुलेंगे लीगल एड क्लीनिक, अब गांव में ही मिलेगी मुफ्त न्यायिक सहायता
हर तहसील के 5 गांव चयनित, विवाद निस्तारण और विधिक परामर्श की सुविधा होगी सुलभ
डिवीजन ब्यूरो: अमोल श्रीवास्तव
अलीगढ़ 1 अप्रैल 2026 जनपद में अब न्याय की पहुंच को गांव-गांव तक ले जाने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गई है। आमजन को सुलभ, त्वरित एवं निःशुल्क न्यायिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा “ग्राम न्याय सहायता अभियान” के अंतर्गत प्रत्येक चयनित ग्राम पंचायत में लीगल एड क्लीनिक स्थापित किए जा रहे हैं।
प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंकित राज सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिले की सभी तहसीलों से 5-5 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इन क्लीनिकों के माध्यम से ग्रामीणों को निःशुल्क विधिक परामर्श, छोटे विवादों का निस्तारण और आवश्यक न्यायिक सहायता स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराई जाएगी।
इन ग्राम पंचायतों में खुलेंगे क्लीनिक
तहसील कोल के गोधा, पींजरी नगरी, बुंढ़ांसी, गोपी और नर्रऊ, अतरौली के जिरौली, हरदोई, लहरा सलेमपुर, काजिमाबाद एवं बिजौली, गभाना के बरौली, गभाना, कलुआ, चण्डौस एवं पिसावा, इगलास के कैमावली, कैमथल, नगला कलुआ बेलोठ, कलीजरी एवं कॉडली तथा खैर के टप्पल, सिमरौठी, राजपुर, गौमत एवं लोहागढ़ में यह सुविधा शुरू की जाएगी।
गांव में ही होगा समाधान
इन क्लीनिकों के शुरू होने से दूरदराज के ग्रामीणों को अब छोटी-छोटी समस्याओं के लिए अदालतों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्हें अपने ही गांव में विधिक सलाह और समाधान मिल सकेगा, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
प्रशासन ने दिए निर्देश
प्रभारी सचिव ने मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक चयनित ग्राम पंचायत में क्लीनिक संचालन के लिए उपयुक्त कक्ष की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही टेबल, कुर्सी और अभिलेखों के सुरक्षित रख-रखाव की व्यवस्था भी अनिवार्य होगी।
हर क्लीनिक के संचालन के लिए आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, कार्यकर्ता, एक एएनएम और स्वयं सहायता समूह के एक सदस्य को नामित किया जाएगा। संबंधित विभागों को 3 अप्रैल तक नामित कार्मिकों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मील का पत्थर साबित होगी पहल
यह पहल न केवल ग्रामीणों को न्याय के करीब लाएगी, बल्कि विधिक जागरूकता बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर विवादों के समाधान को भी प्रोत्साहित करेगी। प्रशासन का मानना है कि यह व्यवस्था ग्रामीण न्याय प्रणाली को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी।