चौधरी चरण सिंह पर टिप्पणी को लेकर अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद का कड़ा विरोध, राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी का स्पष्टिकरण
मेरठ/पश्चिमी उत्तर प्रदेश। किसान मजदूरों के मसीहा, भारत रत्न एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री परम श्रद्धेय स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह जी के सम्मान को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद ने कड़ा विरोध जताया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने इस विषय पर स्पष्टिकरण देते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह जी न केवल एक महान राजनेता थे, बल्कि वे देश के किसानों, मजदूरों और आम जनमानस के लिए प्रेरणा स्रोत और पूजनीय व्यक्तित्व रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चौधरी साहब का जीवन संघर्ष, सादगी और किसान हितों के लिए समर्पण का प्रतीक रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में उनके विचारों और सिद्धांतों का गहरा प्रभाव है। ऐसे में उनके और उनके परिवार, साथ ही चौधरी जयंत सिंह जी के संबंध में की गई कोई भी अनुचित टिप्पणी निंदनीय है और इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मनु चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद ऐसे बयानों का न केवल विरोध करती है, बल्कि उनका पूर्ण रूप से खंडन भी करती है। उन्होंने कहा कि समाज के सम्मानित नेताओं के प्रति इस प्रकार की टिप्पणी सामाजिक सौहार्द और एकता को कमजोर करने का प्रयास है, जिसे संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने आगे कहा कि चौधरी चरण सिंह जी आज भी हर वर्ग के लोगों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं और भविष्य में भी रहेंगे। उनके आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। संगठन ने सभी समाज के लोगों से अपील की कि वे इस प्रकार की भ्रामक और अपमानजनक टिप्पणियों से दूर रहें और समाज में एकता एवं भाईचारे को बनाए रखें।
✍🏻 ऋषभ पराशर, राष्ट्रीय अध्यक्ष, AIMA मीडिया युवा प्रकोष्ठ.