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नई आबकारी नीति लागू, लखनऊ में सस्ती शराब की परंपरा खत्म — कीमतों में बढ़ोतरी

हेडलाइन:
नई आबकारी नीति का असर, लखनऊ में खत्म हुई ‘सस्ती शराब’ की परंपरा — कीमतों में बढ़ोतरी

लखनऊ, उत्तर प्रदेश | विशेष रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति लागू होते ही राजधानी लखनऊ में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इस बार 31 मार्च को हर साल मिलने वाली “सस्ती शराब” की परंपरा पूरी तरह खत्म हो गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं में निराशा देखी जा रही है।

दरअसल, पहले हर साल वित्तीय वर्ष के अंत में शराब ठेकेदार पुराने स्टॉक को खत्म करने के लिए भारी छूट देते थे, जिससे 20-25% तक सस्ती शराब मिल जाती थी। लेकिन इस बार नई आबकारी नीति के तहत ठेकों का नवीनीकरण (Renewal) कर दिया गया है, जिससे ठेकेदारों पर स्टॉक खत्म करने का दबाव नहीं रहा।

नई नीति के तहत 1 अप्रैल 2026 से शराब की कीमतों में भी बढ़ोतरी लागू कर दी गई है।
देसी शराब की कीमत में 5 से 8 रुपये तक बढ़ोतरी
अंग्रेजी शराब और बीयर भी महंगी
लाइसेंस फीस में करीब 7.5 प्रतिशत तक इजाफा

सरकार ने इस नीति के जरिए राजस्व बढ़ाने और सिस्टम को पारदर्शी बनाने का लक्ष्य रखा है। दुकानों का आवंटन अब ई-लॉटरी सिस्टम से किया जा रहा है, जिससे गड़बड़ी की संभावना कम होगी।

लखनऊ जिले में करीब 1100 शराब की दुकानें हैं, जहां इस बार मार्च के अंत में भीड़ नहीं देखी गई, जबकि हर साल भारी भीड़ उमड़ती थी।

निष्कर्ष:
नई आबकारी नीति ने जहां सरकार के राजस्व को स्थिर करने की दिशा में कदम बढ़ाया है, वहीं आम लोगों के लिए शराब अब पहले से महंगी और बिना छूट के हो गई है।

शिवम दुबे (डिजिटल मीडिया क्रिएटर)

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