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अंधविश्वास की वेदी पर ममता का कत्ल: विष्णुगढ़ में मां ने तांत्रिक संग मिलकर दी मासूम की बलि
हजारीबाग/विष्णुगढ़:-हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुम्भा गांव में हुई मासूम बच्ची की निर्मम हत्या मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। यह हृदयविदारक घटना अंधविश्वास और तांत्रिक प्रथा के नाम पर अंजाम दी गई, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है।
एसआईटी जांच में बड़ा खुलासा
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले का पर्दाफाश किया। जांच में सामने आया कि बच्ची की हत्या उसकी ही मां ने तांत्रिक के कहने पर करवाई थी।
बीमारी के इलाज के नाम पर रची साजिश
पुलिस के अनुसार, आरोपी मां अपने बेटे की खराब सेहत को लेकर चिंतित थी। इसी दौरान वह एक तांत्रिक महिला (भगतिनी) के संपर्क में आई, जिसने उसे विश्वास दिलाया कि बेटी की बलि देने से बेटा स्वस्थ हो जाएगा।
अष्टमी की रात को दिया वारदात को अंजाम
अष्टमी की रात मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर पूजा के नाम पर ले जाया गया। वहां तांत्रिक के निर्देश पर मां ने अपनी ही बेटी के पैर पकड़े, जबकि सहयोगी ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद की गई तांत्रिक क्रिया
हत्या के बाद बच्ची के खून से तांत्रिक अनुष्ठान किया गया। इसके बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को गांव के पास बगीचे में फेंक दिया गया, ताकि मामले को भटकाया जा सके।
तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
मां (रेशमी देवी)
तांत्रिक महिला (भगतिनी)
सहयोगी भीम राम
पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
वैज्ञानिक जांच से खुली सच्चाई
मोबाइल डाटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम को सुलझाया।
समाज के लिए चेतावनी
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अंधविश्वास के नाम पर इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। लोगों को जागरूक होने और ऐसे झूठे तांत्रिकों के बहकावे में न आने की अपील की गई है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अंधविश्वास केवल अपराध और विनाश की ओर ले जाता है।