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चारधाम यात्रा से पहले ‘ट्रैवल एडवाइजरी’ बुक लॉन्च। राज्यपाल, स्वास्थ्य मंत्री द्वारा विमोचन, तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा पर विशेष फोकस

देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा से पहले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। Hemwati Nandan Bahuguna Uttarakhand Medical Education University द्वारा आयोजित एक संगोष्ठी में “तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा सलाह (Travel Advisory)” पुस्तक का विमोचन राज्यपाल और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा किया गया। इस पहल का उद्देश्य यात्रा के दौरान संभावित स्वास्थ्य जोखिमों, उच्च हिमालयी परिस्थितियों तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े पहलुओं के प्रति श्रद्धालुओं को जागरूक करना है।

विशेषज्ञों के अनुसार चारधाम यात्रा मार्ग समुद्र तल से लगभग 2,700 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जहां कम ऑक्सीजन, कम तापमान, तेज पराबैंगनी (UV) विकिरण और बदलते मौसम जैसी परिस्थितियां यात्रियों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।

संगोष्ठी में बताया गया कि विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और हृदय रोग, मधुमेह, अस्थमा तथा उच्च रक्तचाप से पीड़ित यात्रियों को यात्रा से पहले स्वास्थ्य परीक्षण कराना चाहिए और आवश्यक दवाइयां साथ रखनी चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी कि यात्रियों को यात्रा के दौरान पर्याप्त पानी, पौष्टिक आहार तथा नियमित विश्राम को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि ऊंचाई पर होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।

राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा चारधाम यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। हाल के वर्षों में लाखों तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य जांच, अतिरिक्त चिकित्सकों की तैनाती तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था जैसे कदम उठाए गए हैं, ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित हो सके।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि चारधाम यात्रा केवल आस्था का विषय ही नहीं, बल्कि चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों वाली यात्रा भी है। ऐसे में यात्रियों को पूर्व तैयारी, स्वास्थ्य सावधानी और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की ट्रैवल एडवाइजरी पुस्तिका श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी मार्गदर्शिका सिद्ध होगी और यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं व स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम करने में सहायक बनेगी।

चारधाम यात्रा में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं, इसलिए सरकार और स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा समय-समय पर जारी दिशानिर्देशों का पालन करना यात्रियों की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।

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