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किंकरी देवी की धरती पर अवैध खनन का कहर: अपना घर भी खतरे में, प्रशासन पर नाथूराम के तीखे सवाल

सिरमौर जिला के संगड़ाह क्षेत्र में एक बार फिर अवैध खनन का मुद्दा गरमा गया है। 1990 के दशक में अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाकर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने वाली पर्यावरण प्रेमी किंकरी देवी के गृह क्षेत्र में आज भी खनन का संकट गहराता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि अब खुद उनका घर भी खनन की जद में आ गया है।
सामाजिक कार्यकर्ता नाथूराम ने इस पूरे मामले पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि उपमंडल मुख्यालय संगड़ाह में एसडीएम, डीएसपी और मिनी सचिवालय जैसे अहम कार्यालयों के ठीक सामने वालिया लाइमस्टोन माइन में दिन-रात अंधाधुंध ब्लास्टिंग कर पहाड़ों को छलनी किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
नाथूराम ने 24 अप्रैल 2023 को दनोई पुल टूटने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह हादसा ओवरलोडेड ट्रक की वजह से हुआ था, लेकिन इसके बावजूद आज तक क्षेत्र में ओवरलोडिंग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि माइनिंग विभाग, एसडीएम, डीएसपी और आरटीओ जैसे अधिकारी स्टाफ की कमी और वेटब्रिज न होने जैसे बहाने बनाकर खनन माफिया पर कार्रवाई से बच रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खदानों से निकले मलवे को नियमों के तहत डंप करने के बजाय बिना एम-फॉर्म के पंचायत और पीडब्ल्यूडी के निर्माण कार्यों में रेत-बजरी के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जो एक बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है।
नाथूराम ने चेतावनी दी कि क्षेत्र में चल रहे असाइंटिफिक और अवैध खनन के खिलाफ उनकी संस्था जल्द ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में जनहित याचिका (PIL) दायर करेगी।
इसके अलावा, उन्होंने किंकरी देवी के नाम पर संगड़ाह में बनाए जा रहे “किंकरी पार्क” पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि करीब 27 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद 7 वर्षों में भी पार्क का निर्माण पूरा नहीं हो पाया, जो अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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