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ट्रिपल इंजन की सरकार में भी बैकुंठपुर में भ्रष्टाचार जांच 8 दिन से ठप

📰 सीएम के ‘जीरो टॉलरेंस’ और ट्रिपल इंजन सरकार के दावे के बीच बैकुंठपुर में ₹1,04,600 कटौती मामला, 8 दिन से जांच लंबित
📍 बैकुंठपुर | जिला कोरिया (छत्तीसगढ़)
छत्तीसगढ़ में ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद भी भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में देरी का आरोप सामने आया है।
जनपद पंचायत बैकुंठपुर के ग्राम पंचायत बड़गांव में प्राथमिक शाला के अतिरिक्त कक्ष निर्माण की अंतिम किस्त से ₹1,04,600 (एक लाख चार हजार छह सौ रुपए) की कथित कटौती का मामला 8 दिन बाद भी जांच के अभाव में सवालों के घेरे में है।
🏫 पूरा मामला
पूर्व सरपंच सूकवरिया द्वारा प्राथमिक शाला बड़गांव में अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य कराया गया था। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद भवन को विद्यालय के हेडमास्टर को विधिवत हैंडओवर कर दिया गया।
बताया गया कि निर्माण कार्य की अंतिम किस्त ₹4,22,600 जारी हुई थी। आरोप है कि वर्तमान सरपंच अशोक कुमार मिंज ने इसमें से ₹1,04,600 की कटौती कर ली।
कटौती का कारण सड़क में मिट्टी-मुरूम कार्य नहीं होने को बताया गया, जबकि शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि किसी भी कथित अनियमितता की जांच और वसूली सक्षम प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जानी चाहिए, न कि सरपंच द्वारा स्वयं राशि काटकर।
📄 23 मार्च को आवेदन, 8 दिन बाद भी जांच नहीं
शिकायतकर्ता राकेश कुमार पैकरा ने बताया कि 23 मार्च 2026 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बैकुंठपुर को लिखित आवेदन दिया गया था।
इसके बावजूद अब तक न जांच समिति गठित हुई, न स्थल निरीक्षण हुआ और न ही किसी संबंधित पक्ष का बयान दर्ज किया गया।
⚖️ कानूनी धाराएं
📘 पंचायत राज अधिनियम, 1993 – धारा 40
पंचायत निधि में अनियमितता
पद के दुरुपयोग पर कार्रवाई
पद से हटाने / निलंबन का प्रावधान
📕 BNS धारा 316
आपराधिक विश्वासघात
सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग का मामला
⚠️ ट्रिपल इंजन सरकार बनाम जमीनी हकीकत
ग्रामीणों का कहना है कि ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद भी जिला मुख्यालय के करीब जनपद पंचायत बैकुंठपुर में 8 दिन तक कार्रवाई न होना स्थानीय प्रशासन और मुख्य कार्यपालन अधिकारी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मुख्यमंत्री के “भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस” दावे और जमीनी स्तर पर लंबित जांच के बीच यह मामला अब प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन गया है।
📢 मुख्य मांगें
तत्काल निष्पक्ष जांच
₹1,04,600 की राशि वापस
पंचायत राज अधिनियम धारा 40 के तहत कार्रवाई
BNS धारा 316 में एफआईआर
देरी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही

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