मुकदमा दर्ज न होने से भड़के परिजन, फतेहपुर-लखनऊ नेशनल हाईवे-232 चार घंटे रहा जाम
जसवन्त विश्वकर्मा
हुसैनगंज फतेहपुर संवाददाता।
-सीसीटीवी में युवक खुद ट्रैक्टर चलाते दिखा,आश्वासन के बाद खुला जाम।
-इकलौते बेटे की मौत पर बवाल, हाईवे-232 चार घंटे रहा जाम।
-कार्रवाई की मांग पर सड़क पर उतरे परिजन, पुलिस से चली लंबी वार्ता।
-हादसा या साजिश? युवक की मौत पर परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप।
-सीसीटीवी फुटेज के बाद भी नहीं माने परिजन, हाईवे किया जाम।
-फतेहपुर में हाईवे जाम से थमी रफ्तार, प्रशासन के आश्वासन पर खुला रास्ता।
-चार घंटे जाम में फंसा हाईवे,भारी पुलिस बल ने संभाली स्थिति।
-बहनों की शादी और मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों का प्रदर्शन।
-पुलिस-प्रशासन की समझाइश के बाद खत्म हुआ हाईवे जाम।
हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सात मील में देर रात हुए सड़क हादसे के बाद मुकदमा दर्ज न किए जाने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने फतेहपुर-लखनऊ नेशनल हाईवे-232 पर जाम लगा दिया। लगभग चार घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण हाईवे पर लंबा जाम लग गया और पुलिस प्रशासन को भारी मशक्कत करनी पड़ी।
मृतक की मां रामकली का कहना था कि उनका बेटा मोटरसाइकिल तक नहीं चला पाता था, ऐसे में वह ट्रैक्टर कैसे चला सकता है। परिजनों ने युवक की मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई और ट्रैक्टर मालिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जबकि हुसैनगंज पुलिस द्वारा मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें मृतक स्वयं ट्रैक्टर चलाते हुए दिखाई दिया। इसके बावजूद परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
बताया जा रहा है कि मृतक तीन बहनों में इकलौता भाई था। पिता राजपाल पासवान मुंबई में रहकर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। एक बहन की शादी हो चुकी है जबकि दो बहनों की शादी की जिम्मेदारी मृतक पर ही थी। बहनों ने आरोप लगाया कि उनके भाई की हत्या की गई है।
सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार पांडे भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन आक्रोशित भीड़ के सामने पुलिस व्यवस्था संभालने में हांफती नजर आई। जाम इतना भीषण था कि सात मील से डलमऊ तक लगभग 10 किमी. तथा दूसरी ओर चौफेरवा एनटीपीसी लगभग 10 किमी. तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए महिला थाने से महिला पुलिस बल बुलाया गया। महिला थाना प्रभारी संगीता सिंह महिला फोर्स के साथ मौके पर पहुंचीं और जाम खुलवाने का प्रयास किया।
घटना की जानकारी पर सीओ सदर वीर सिंह और नायब तहसीलदार अमृत प्रभात भी मौके पर पहुंचे। करीब चार घंटे तक पुलिस और परिजनों के बीच मिन्नतों व वार्ता का दौर चलता रहा।
परिजनों की प्रमुख मांगों में ट्रैक्टर मालिक पर मुकदमा दर्ज करना, मृतक की दोनों बहनों की शादी का खर्च दिलाना, दो लाख रुपये आर्थिक सहायता और सरकारी आवास उपलब्ध कराना शामिल था।
सीओ सदर वीर सिंह द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन शांत हुए और जाम समाप्त कराया गया। सीओ ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर ट्रैक्टर मालिक के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है तथा मामले की जांच की जा रही है।