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20 देशों में मिला कोरोना का नया वैरिएंट ‘सिकाडा’, भारत के लिए कितना खतरा?

कोविड -19 वायरस का एक नया सब-वैरिएंट BA.3.2, जिसे अनौपचारिक रूप से ‘सिकाडा’ (Cicada) कहा जा रहा है, दुनिया के 20 से अधिक देशों में पाया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस वैरिएंट के म्यूटेशन पैटर्न और संक्रमण क्षमता पर नजर बनाए हुए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार यह वैरिएंट ओमिक्रॉन परिवार से संबंधित है और इसमें बड़ी संख्या में जेनेटिक बदलाव (म्यूटेशन) पाए गए हैं।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि BA.3.2 में लगभग 70-75 म्यूटेशन, विशेषकर स्पाइक प्रोटीन में बदलाव पाए गए हैं। स्पाइक प्रोटीन वायरस का वह हिस्सा होता है जो मानव कोशिकाओं में प्रवेश करने में मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार अधिक म्यूटेशन संक्रमण के फैलाव या प्रतिरक्षा प्रणाली से आंशिक बच निकलने की संभावना बढ़ा सकते हैं, हालांकि अभी तक इसे अधिक गंभीर या घातक साबित करने वाले पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले हैं।

कई देशों में निगरानी तेज:
अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार यह वैरिएंट अमेरिका, यूरोप और एशिया के कई देशों में पाया गया है। अब तक यह प्रमुख (dominant) स्ट्रेन नहीं बना है, लेकिन वैज्ञानिक इसके व्यवहार और प्रभाव का अध्ययन कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह वैरिएंट पहली बार 2024 में पहचाना गया था और बाद में 2025 के अंत में दोबारा सामने आया, जिसके बाद कई देशों में इसकी जीनोम निगरानी बढ़ाई गई।

लक्षण क्या हो सकते हैं?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इसके लक्षण पहले के ओमिक्रॉन वैरिएंट जैसे ही बताए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:
•गले में खराश
•बुखार या ठंड लगना
•खांसी
•थकान
•सिरदर्द
•नाक बंद होना
अधिकांश मामलों में लक्षण हल्के से मध्यम पाए गए हैं।

भारत के लिए कितना खतरा?
फिलहाल भारत में इस वैरिएंट के बड़े स्तर पर मामलों की पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की आवश्यकता नहीं, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। जीनोम सीक्वेंसिंग और सर्विलांस सिस्टम के माध्यम से नए वैरिएंट्स पर नजर रखी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान वैक्सीन गंभीर बीमारी से बचाव में अभी भी प्रभावी हो सकती हैं। उच्च जोखिम वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

क्या सावधानी बरतें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह:
•भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का उपयोग
•हाथों की नियमित सफाई
•लक्षण दिखने पर जांच
•बूस्टर डोज समय पर लेना
•बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग अतिरिक्त सतर्कता रखें

BA.3.2 ‘सिकाडा’ वैरिएंट में म्यूटेशन अधिक होने के कारण वैज्ञानिक सतर्क हैं, लेकिन अभी तक इसे अधिक खतरनाक साबित करने वाले पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी और जागरूकता ही संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

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