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12 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख, लाखों का नुकसान दमकल टीम एक घंटे देरी से पहुंची, किसानों ने कर्ज और जेवर गिरवी रखकर की थी खेती

शाहजहांपुर।
जिले के बंडा थाना क्षेत्र के पडरिया दलेलपुर गांव में मंगलवार दोपहर अचानक लगी आग ने किसानों की मेहनत को कुछ ही देर में राख में बदल दिया। करीब 12 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। इस हादसे में किसानों को लगभग सात लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।

बताया जाता है कि गांव के कई किसानों—वेदराम, संत कुमार, रामौतार, शेर सिंह, लज्जावती, गुड्डू और प्यारी—ने बटाई पर खेत लेकर गेहूं की फसल तैयार की थी। फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन इससे पहले ही आग की घटना ने सब कुछ खत्म कर दिया।

तेजी से फैली आग, खेतों की जुड़ाव बना कारण
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंगलवार दोपहर अचानक अज्ञात कारणों से एक खेत में आग लग गई। खेत आपस में जुड़े होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते कई किसानों की फसल इसकी चपेट में आ गई।

ग्रामीणों ने खुद संभाली मोर्चा
आग लगने की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और ट्रैक्टरों की मदद से आग बुझाने का प्रयास करने लगे। साथ ही डायल 112 पुलिस और दमकल विभाग को भी सूचना दी गई। पुलिस टीम तो समय पर पहुंच गई, लेकिन दमकल विभाग की गाड़ी करीब एक घंटे की देरी से पहुंची। तब तक अधिकांश फसल जलकर नष्ट हो चुकी थी।

कर्ज और जेवर गिरवी रखकर की थी खेती
पीड़ित किसानों ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर और अपनी पत्नियों के जेवर गिरवी रखकर खेती की थी। एक किसान ने बताया कि उसने दो एकड़ जमीन ठेके पर लेकर फसल लगाई थी और लागत के लिए पत्नी के जेवर गिरवी रखे थे। अब फसल जलने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

राजस्व टीम ने शुरू किया नुकसान का आकलन
घटना की सूचना पर राजस्व विभाग की टीम गांव पहुंची और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया। अधिकारियों ने किसानों से जानकारी लेकर लिखापढ़ी की और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है।

मुआवजे की मांग
पीड़ित किसानों ने प्रशासन से उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय पर दमकल टीम पहुंच जाती तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था।

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