नन्दी श्राद्ध हेतु गया धाम प्रस्थान*: *आस्था, परंपरा और कर्तव्य का अद्भुत संगम*
*ब्यूरो रिपोर्ट - ओमप्रकाश सिंह*
आजमगढ़ जनपद के ग्राम लखनपुर, हूंसेपुर सनूप निवासी *श्रद्धेय श्रीमती आशा पाण्डेय एवं वरिष्ठ अधिवक्ता उमाशंकर पाण्डेय* कल 1 अप्रैल 2026 को पितृ पक्ष की महान परंपरा ‘*नन्दी श्राद्ध*’ के अंतर्गत पितरों के तर्पण हेतु पवित्र तीर्थ गया धाम की यात्रा पर प्रस्थान करने जा रहे हैं। यह यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं, बल्कि अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और सनातन संस्कृति के निर्वहन का सजीव उदाहरण है।
*कार्यक्रम की रूपरेखा*
इस पावन यात्रा से पूर्व श्री पाण्डेय दम्पति ने अपने कार्यक्रम को अत्यंत विधिपूर्वक निर्धारित किया है। सबसे पहले वे अपने निवास स्थान ग्राम लखनपुर में प्रत्येक घर जाकर ग्रामीणों से आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं प्राप्त करेंगे। यह परंपरा सामाजिक समरसता और आपसी संबंधों की सुदृढ़ता का प्रतीक मानी जाती है।
इसके उपरांत दोपहर में वे अपने जन्म स्थान, अम्बेडकर नगर जनपद के आलापुर तहसील अंतर्गत ग्राम बरईपुर का भ्रमण करेंगे। जन्मभूमि से जुड़ाव और वहां के लोगों से आशीर्वाद लेना इस यात्रा को और अधिक आध्यात्मिक महत्व प्रदान करता है।
*विश्राम और प्रस्थान की तैयारी*
बरईपुर से लौटने के पश्चात वे लखनपुर ग्राम सीमा के बाहर स्थित *बीएसएफ कमांडेंट दिनेश सिंह के आवास* पर स्वपाक (स्वयं निर्मित) भोजन ग्रहण करेंगे और रात्रि विश्राम करेंगे। स्वपाक भोजन को शुद्धता और सात्विकता का प्रतीक माना जाता है, जो इस धार्मिक यात्रा की पवित्रता को और बढ़ाता है।
तत्पश्चात तड़के सुबह वे गया धाम के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां वे विधिपूर्वक पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करेंगे।
यह सब कार्यक्रम अखिल भारतीय स्तर के प्रतिष्ठित *विद्वान पंडित चंडीप्रसाद* मिश्र के आधिपत्य में क्षेत्रीय पुरोहित विद्वतजनों के देखरेख में सम्पन्न किया जायेगा।
*श्री उमाशंकर पाण्डेय का व्यक्तित्व और योगदान*
वरिष्ठ अधिवक्ता उमाशंकर पाण्डेय बूढ़नपुर तहसील के एक प्रतिष्ठित और निष्कलंक छवि वाले विधि विशेषज्ञ हैं। उन्होंने अपने सामाजिक और पारिवारिक दायित्वों का सदैव निष्ठापूर्वक निर्वहन किया है। इस धार्मिक यात्रा से पूर्व उन्होंने अपने समस्त दायित्व अपने पुत्रों—*वेदप्रकाश पाण्डेय, अधिवक्ता चन्द्र प्रकाश पाण्डेय, प्रकांड कर्मकांडी पंडित सत्यप्रकाश पाण्डेय उर्फ ‘लिटिल बाबा’ तथा पुजारी पवन पाण्डेय*—को सौंप दिए हैं।
*नन्दी श्राद्ध का महत्व*
नन्दी श्राद्ध सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जो किसी भी शुभ कार्य या विशेष यात्रा से पूर्व पितरों की कृपा प्राप्त करने हेतु किया जाता है। गया धाम में किया गया श्राद्ध विशेष फलदायी माना जाता है, क्योंकि यहां पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और वंशजों को आशीर्वाद मिलता है।
*समापन*
श्रीमती आशा पाण्डेय एवं उमाशंकर पाण्डेय की यह यात्रा न केवल एक धार्मिक कर्तव्य का निर्वहन है, बल्कि यह समाज को अपनी परंपराओं से जुड़े रहने और पितरों के प्रति श्रद्धा बनाए रखने का संदेश भी देती है। यह आयोजन पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है, जहां आधुनिक जीवनशैली के बीच भी सनातन संस्कारों की ज्योति प्रज्वलित है।