एटा में एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई हुई है। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) मोहम्मद राशिद को गंभीर लापरवाही के आरोपों में निलंबित...
एटा में प्रशासनिक हड़कंप: लगातार तीसरे डीपीआरओ मोहम्मद राशिद निलंबित...
एटा। जनपद एटा में प्रशासनिक स्तर पर एक बार फिर बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। लगातार तीसरे जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) पर गाज गिरने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इस बार शासन ने डीपीआरओ मोहम्मद राशिद को गंभीर लापरवाही के आरोपों में निलंबित कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डीपीआरओ मोहम्मद राशिद पर शासन के कार्यों में घोर लापरवाही बरतने, समयबद्ध योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू न करने तथा उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने के गंभीर आरोप लगे थे। कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद कार्यशैली में सुधार न होने पर अंततः शासन को यह कठोर कदम उठाना पड़ा।
सूत्रों के मुताबिक, विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लगातार देरी, निरीक्षण में अनियमितताएं और प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी को लेकर उच्चाधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया। जांच के बाद आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई के बाद शासन ने प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए एसडीएम पीयूष रावत को डीपीआरओ का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और गति लाई जाए तथा लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
इस बड़ी कार्रवाई से जिला पंचायत राज विभाग में हड़कंप मच गया है। कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच चर्चा का माहौल गर्म है और सभी अपनी कार्यशैली को लेकर सतर्क हो गए हैं। लगातार तीसरे डीपीआरओ पर हुई कार्रवाई ने यह साफ संकेत दे दिया है कि शासन अब लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
प्रशासनिक गलियारों में इस कार्रवाई को एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहना पड़ेगा।