सुथार का काम करने वाले पिता की बेटी ने रचा इतिहास, 98.80% अंक हासिल
सियाणा (रामसिंह महेचा)
निकटवर्ती गांव बागरा की होनहार छात्रा दीपिका ने 12वीं बोर्
सुथार का काम करने वाले पिता की बेटी ने रचा इतिहास, 98.80% अंक हासिल
सियाणा (रामसिंह महेचा)
निकटवर्ती गांव बागरा की होनहार छात्रा दीपिका ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 98.80 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उसने पिंक मॉडल विद्यालय से अध्ययन करते हुए यह शानदार उपलब्धि हासिल की।
12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में बागरा क्षेत्र एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाता नजर आया। साधारण परिवार से आने वाली दीपिका, पुत्री चंपालाल सुथार, ने अपनी मेहनत और लगन से सफलता की नई मिसाल पेश की है।
दीपिका के पिता सुथार का कार्य कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी। कठिन परिस्थितियों में भी दीपिका ने अनुशासन, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया।
दीपिका की इस उपलब्धि से परिवार, विद्यालय और पूरे गांव में खुशी का माहौल है। विद्यालय के शिक्षकों ने उसकी मेहनत की सराहना करते हुए इसे अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताया।
बागरा क्षेत्र में लगातार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट परिणाम सामने आ रहे हैं, और दीपिका की यह सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।
प्रधानाचार्य के नेतृत्व में बदली तस्वीर, पीएम श्री विद्यालय बागरा का ऐतिहासिक परिणाम
सियाणा (रामसिंह महेचा)
सरकारी विद्यालयों के परिणाम को लेकर अक्सर उठने वाले सवालों के बीच बागरा स्थित पीएम श्री विद्यालय ने इस बार एक नया इतिहास रच दिया है। विद्यालय में अब तक इतना उत्कृष्ट परिणाम कभी सामने नहीं आया था, लेकिन प्रधानाचार्य खीम सिंह राठौड़ के पदभार संभालने के बाद शिक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
प्रधानाचार्य राठौड़ के नेतृत्व में विद्यालय में अनुशासन, नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष कक्षा 12वीं के परिणाम में विद्यालय ने शानदार प्रदर्शन किया।
विद्यालय की छात्रा रेणुका, पुत्री श्री राजेश सुथार, ने 97.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर न केवल विद्यालय बल्कि पूरे बागरा क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
इस उपलब्धि से विद्यालय परिसर में खुशी का माहौल है। शिक्षकों और ग्रामीणों ने इसे सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया। अभिभावकों ने भी विद्यालय प्रबंधन और स्टाफ की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी विद्यालयों में भी बेहतर शिक्षा संभव है, यदि नेतृत्व मजबूत हो।
रेणुका की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत के दम पर ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी राज्य स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
📞 सियाणा की आवाज़ रिपोर्टर रामसिंह महेचा सियाणा पत्रकार, Contact: 9869584777