झांसी : बच्चे की आंख पुतली में आर-पार हुए कांटे को डाक्टर्स की टीम ने निकाला।
झांसी। जिले में एक रोंगटे खड़े कर देने वाला ऐसा मामला सामने आया है जिसमें खेल-खेल में 7 साल के मासूम की आंख की पुतली में खजूर का कांटा घुस गया, किंतु झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स की टीम ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बिना समय गंवाए बंद हो चुके ऑपरेशन थिएटर को दोबारा खुलवाया और एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कांटे को निकाल कर बच्चे की आंख बचा ली।
झांसी के टोड़ी फतेहपुर थाना क्षेत्र के सिजवा गांव निवासी 7 वर्षीय देव उर्फ भूरा 28 मार्च की दोपहर खजूर की टहनी से खेल रहा था। खेल खेल में खजूर का कांटा उसकी आंख की पुतली में घुस गया। इससे वह असहनीय दर्द से तड़पने लगा। भूरे की रोने की आवाज सुनकर परिजन तुरंत पहुंचे और उसे लेकर मऊरानीपुर सीएचसी पहुंचे, वहां से उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
इसके बाद परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। वहां ऑपरेशन थिएटर बंद हो चुका था, लेकिन, बच्चे की स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टर्स द्वारा तुरंत ओटी खुलवाई गई और फिर जांच के बाद बच्चे को बेहोश कर नेत्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में डॉक्टर्स की टीम ने आंख का ऑपरेशन शुरू किया गया। लगभग डेढ़ घंटे चले ऑपरेशन के बाद बच्चे की आंख से कांटा निकाल दिया गया।
इसकी खबर मिलते ही परिजनों ने राहत की सांस ली और डाक्टर्स का आभार व्यक्त किया। फिलहाल मेडिकल कॉलेज में अभी भी डॉक्टर्स की देख-रेख में बच्चे का इलाज चल रहा है और दवाओं के जरिए उसे रिकवर कराया जा रहा है। डॉक्टर्स का कहना है कि थोड़ी भी देर हो जाती, तो बच्चे की आंख खराब हो सकती थी।
कांटा घुसने से बच्चे की आंख की काली पुतली और कॉर्निया डैमेज हो गया है। साथ ही उसे मोतियाबिंद भी हो गया है, लेकिन आंख बच गई है। आपरेशन के दौरान प्रो डॉ जितेंद्र कुमार, डॉ सुरभि गुप्ता, डॉ यशस्वी गोयनका, डॉ रूपेश कुमार, जू डॉ सदानंद, डॉ शिल्की गुप्ता, ओटी इंचार्ज सुषमा श्रीवास्तव सहित अन्य स्टाफ शामिल रहा।