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झालावाड़ ने वैकल्पिक व्यवस्था कर 104 एंबुलेंस सेवा बंद नहीं होने दी, 3 माह में 9 हजार जच्चा-बच्चा को सुविधा दी




गर्भवतियों को प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल ले जाने और जच्चा-बच्चा को वापस घर छोड़ने के लिए संचालित 104 एंबुलेंस सेवा पिछले तीन माह से राज्य के कई जिलों में बंद है। झालावाड़ एकमात्र ऐसा जिला है, जिसमें सेवा पर कोई असर नहीं पड़ा है। तीन माह में स्वास्थ्य विभाग इसका संचालन कर रहा है और इस दौरान नौ हजार से अधिक प्रसूता और जच्चा-बच्चा को लाभ मिला।
झालावाड़ जिले में 104 सेवा की 20 में से 18 एंबुलेंस का वैकल्पिक व्यवस्था से संचालन किया जा रहा है, जबकि दो एबुलेंस कंडम हो चुकी है। सेवा प्रदाता फर्म का टेंडर दिसंबर 2025 में खत्म हो गया था। नया टेंडर होने तक सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस संचालन का जिम्मा सौंपा था। स्वास्थ्य विभाग ने जिलों में सीएमएचओ को इसकी जिम्मेदारी दे दी।
झालावाड़ सीएमएचओ ने इसके लिए डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर(डीपीएम) को नोडल ऑफिसर बना दिया। डीपीएम ने लगातार मॉनिटरिंग और कॉर्डिनेशन से एक भी दिन एबुलेंस का संचालन बाधित नहीं होने दिया। इससे जिले में गर्भवती को प्रसव पीड़ा होने पर तुरंत संबंधित अस्पताल पहुंचने में मदद मिल रही है। साथ ही, प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को घर छोड़ने की सुविधा भी निरंतर मिल रही है।
रात में भी पहुंचाते हैं एंबुलेंसझालावाड़ जिले में दो लोकेशन हेमड़ा और हरनावदागजा की 104 एंबुलेंस कंडम हो चुकी है। इसलिए 20 में से 18 एबुलेंस चल रही हैं। 104 एंबुलेंस सेवा का कॉल सेंटर जयपुर में है। जिले की कॉल भी वहीं अटैंड की जाती है। कई बार रात में सेंटर पर कॉल अटेंड नहीं होने पर सूचना डीपीएम प्रभु लोधा के पास आती है। रात में किसी भी समय कॉल आने पर डीपीएम संबंधित लोकेशन पर एंबुलेंस भिजवाते हैं। एंबुलेंस का मेंटेनेंस, पेट्रोल और चालक सेलरी का बजट एनएचएम से दिया जा रहा है।
पुराना टेंडर खत्म, नए में देरी

एनएचएम ने मॉडर्न इमरजेंसी सर्विसेज प्रालि. को 104 एंबुलेंस संचालन का जिम्मा सौंपा था। 31 दिसंबर 25 को कंपनी का टेंडर खत्म होने के बाद प्रदेश में सैकड़ों एंबुलेंस ठप हो गई। एनएचएम निदेशक ने सभी जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत एंबुलेंस का संचालन के निर्देश दिए थे। झालावाड़ में आरएमआरएस को एंबुलेंस संचालन की एजेंसी नियुक्त किया गया था। अभी केवल झालावाड़ की 18 एंबुलेंस चल रही हैं। अन्य जिलों में तीन महीने सेवा बंद है।

झालावाड़ में जच्चा-बच्चा को लेकर जाती 104 एंबुलेंस।
Aima media jhalawar



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