PMGSY के तहत बनी 20.63 किमी सड़क खंडहर में तब्दील, ग्रामीणों ने उठाए भ्रष्टाचार के सवाल
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित पश्चिम गुवाहाटी राज्य पथ संकुल के अंतर्गत, नतुन रानी से जालुकपहाम नाबलिं तक जाने वाली 20.63 किलोमीटर लंबी सड़क की दयनीय स्थिति ने क्षेत्र की जनता के बीच तीव्र आक्रोश पैदा कर दिया है।स्थानीय लोगों के आरोपों के अनुसार, लगभग 19 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी यह सड़क वर्तमान में खंडहर में तब्दील हो चुकी है। जगह-जगह 8-10 फीट गहरे गड्ढे होने के साथ-साथ सड़क एक तरफ से पूरी तरह धंस गई है, जिससे यह अत्यंत खतरनाक स्थिति में पहुँच गई है।उल्लेखनीय है कि 'जोन्सन कंस्ट्रक्शन' नामक ठेका संस्थान ने 24 फरवरी 2022 से इस सड़क का काम शुरू किया था और इसे 31 जनवरी 2025 तक पूरा करने का निर्देश था। लेकिन स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य पूरा हुए बिना ही घटिया काम किया गया और धन का दुरुपयोग हुआ है।लोगों के मुताबिक, निर्माण के दौरान ही सड़क के कई हिस्से टूटने लगे थे। बारिश के समय सड़क पर पानी जमा हो जाने से आवाजाही बेहद मुश्किल हो जाती है। अब तक इस वजह से कई लोगों के सड़क दुर्घटना में घायल होने की खबर भी मिली है।
इसके अलावा, सड़क के विभिन्न स्थानों पर बने पुलों और पुलियों के घटिया निर्माण के भी आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग के इंजीनियर और अधिकारी सभी बातों से अवगत होने के बावजूद कोई कार्रवाई न कर चुप्पी साधे हुए हैं।इस घटना से जुड़े कृष्ण नाम के एक इंजीनियर के खिलाफ भी जनता ने कड़ा असंतोष जताया है। आरोपों के मुताबिक, जब लोग उनके सामने अपनी समस्याएं रखते हैं, तो वह उन पर ध्यान नहीं देते। उल्लेखनीय है कि यदि इस सड़क का निर्माण बेहतर तरीके से किया गया होता, तो कार्बी पहाड़ियों के लगभग दस गांवों के लोगों के लिए आवाजाही काफी आसान हो जाती। साथ ही, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के मामले में भी इन क्षेत्रों के आगे बढ़ने की संभावना थी। लेकिन सड़क की वर्तमान जर्जर हालत ने लोगों को परेशान कर दिया है। शाम होते ही बिना बिजली के यह इलाका अंधेरे में डूब जाता है, जिससे टूटी हुई सड़क पर आवाजाही और भी खतरनाक हो जाती है।दूसरी ओर, संग्रामी कृषक-श्रमिक संघ, असम के संपादक दिनेश दास ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, सड़क का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराने के लिए जिला उपायुक्त और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने का आह्वान किया गया है।