30 से अधिक मामलों में थाने में सीधे एफआईआर नहीं होगी दर्ज - डीजीपी
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने हाल ही में उन मामलों में FIR दर्ज करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी, जहां कानून केवल परिवाद (मजिस्ट्रेट के यहां शिकायत) का प्रावधान करता है।
इसके बाद डीजीपी ने प्रदेश के सभी थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।
किन मामलों में नहीं होगी FIR?
दहेज अधिनियम, घरेलू हिंसा, मानहानि, चेक बाउंस, खान एवं खनिज अधिनियम, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता,ऐसे करीब 30 से अधिक मामलों में अब पुलिस थाने में सीधे FIR दर्ज नहीं करेगी। इन सभी मामलों में पहले मजिस्ट्रेट के यहां परिवाद (शिकायत) दाखिल करना होगा।