पूर्व रेलवे ने रचा कीर्तिमान, लगातार दूसरे साल 100 मिलियन टन माल लदान का लक्ष्य पार
कोयला रहा सबसे बड़ा योगदानकर्ता, अवसंरचना विकास को मिली रफ्तार
कोलकाता:-Eastern Railway ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति से ठीक पहले एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 100 मिलियन टन माल लदान का आंकड़ा पार कर लिया है। खास बात यह है कि पूर्व रेलवे ने लगातार दूसरे वर्ष इस लक्ष्य को हासिल किया है।
आमतौर पर यात्री परिवहन के लिए पहचाना जाने वाला पूर्व रेलवे अब एक मजबूत माल परिवहन नेटवर्क के रूप में भी उभर रहा है। यह क्षेत्र उत्तर-पूर्व भारत के लिए प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के बंदरगाहों के लिए आयात-निर्यात गतिविधियों का प्रमुख माध्यम बन चुका है।
माल ढुलाई में कोयला सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा, इसके अलावा पिग आयरन, तैयार इस्पात, सीमेंट और उर्वरक जैसी औद्योगिक सामग्री का भी बड़े पैमाने पर परिवहन किया गया। ये सभी वस्तुएं देश में बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाती हैं।
महाप्रबंधक Milind Deuskar ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता रेलवे कर्मियों के समर्पण और निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने भरोसा जताया कि पूर्व रेलवे आगे भी भारतीय रेलवे के प्रमुख माल लदान करने वाले जोनों में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखेगा।