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बनखेड़ी तहसील के खरसली और कामती में ग्राम चौपाल का आयोजन: किसानों को दिया गया नरवाई प्रबंधन और जैविक खेती का संदेश




बनखेड़ी। प्रशासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बचाए रखने के उद्देश्य से तहसील के विभिन्न ग्रामों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज बनखेड़ी तहसील के ग्राम खरसली में रात्रि 08 बजे एवं कामती में रात्रि 09 बजे विशेष ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नायब तहसीलदार रामसिपाही मरावी, सहायक नोडल अधिकारी शिवशंकर सरयाम ने किसानों को नरवाई न जलाने की शपथ दिलाई। ग्राम चौपाल में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए नायब तहसीलदार रामसिपाही मरावी ने कहा कि नरवाई जलाना न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है। इससे भूमि के सूक्ष्म पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और जमीन बंजर होने लगती है। सहायक नोडल अधिकारी शिवशंकर सरयाम ने किसानों को नरवाई प्रबंधन के आधुनिक तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। ग्राम कामती में आयोजित चौपाल में कृषक सुजय चौकसे ने नरवाई प्रबंधन के साथ-साथ जैविक खेती पर विशिष्ट जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार फसल अवशेषों को जलाए बिना उन्हें खाद के रूप में परिवर्तित कर खेती की लागत कम की जा सकती है और उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है। खरसली में आयोजित कार्यक्रम में सरपंच गजेंद्र सिंह पटेल, बाबूलाल विश्वकर्मा, ललित पटवा, देवेन्द्र वर्मा, गोविन्द परधान ग्राम कोटवार साहब सिंह मेहरा तथा कामती की चौपाल में भी किसानों की भारी उपस्थिति रही, जहाँ नरवाई न जलाने का सामूहिक संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सरपंच दुर्गा प्रसाद मेहरा, बसंत यादव, कन्हैया साहू, राजेंद्र चौकसे, रजनीश यादव सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसानों को यह समझाना है कि नरवाई जलाना मित्र कीटों और जमीन की नमी को खत्म करता है। इसके बजाय किसान हैप्पी सीडर, मल्चर, रोटावेटर, सुपर सीडर जैसे यंत्रों का उपयोग करें या अवशेषों को खेत में ही सड़ाकर जैविक खाद बनाएँ।

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