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ग्राम चमारी का नाम बदलने के विरोध में सैकड़ों ग्रामीणों का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

उरई जालौन। कालपी तहसील क्षेत्र के ग्राम चमारी का नाम बदलने की चर्चा के बीच ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला सोमवार को सैकड़ों ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए गांव का नाम न बदले जाने की मांग की

अम्बेडकर जनता स्कूल समिति के प्रबंधक राममिलन गौतम के नेतृत्व में बसपा जिलाध्यक्ष अतरसिंह पाल, झांसी मंडल प्रभारी डॉ. बृजेश जाटव सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि चमारी गांव को रविदास समाज के पूर्वजों ने बसाया था और आज भी गांव में उसी समाज की सबसे अधिक आबादी निवास करती है, ऐसे में नाम परिवर्तन उनकी पहचान और इतिहास के साथ अन्याय होगा

ग्रामीणों का कहना है कि गांव के नाम में बदलाव से आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, जमीन के दस्तावेज, न्यायालय में लंबित मामलों और नौकरी से जुड़े अभिलेखों में भारी दिक्कतें आएंगी। इससे गांव के लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा

राममिलन गौतम ने बताया कि पूर्व में भी वर्ष 1974 से 1984 के बीच गांव का नाम बदलने का प्रस्ताव लाया गया था, जिसका ग्रामवासियों ने विरोध किया था और मामला झांसी कमिश्नरी तक पहुंचा था, जहां न्यायालय ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया था

ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि गांव का नाम बदलने का प्रयास किया गया तो वे बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने राष्ट्रपति से मांग की है कि ग्राम चमारी का नाम यथावत रखा जाए

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