बागेशोती जमीन विवाद पर बड़ा खुलासा: बाहरी लोगों के नाम दर्ज जमीन, स्थानीय गरीब अब भी अधिकार से वंचित.
Published On: March 30, 2026
बागेशोती/कोन/सोनभद्र। जनपद के बागेशोती क्षेत्र में जमीन विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सोमवार, 30 मार्च 2026 को दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री एवं अनुसूचित सेवा संगठन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष जित सिंह खरवार बागेशोती पहुंचे, जहां उन्होंने मौके का निरीक्षण कर ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान जिला संगठन मंत्री रविन्द्र भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि झारखंड के कुछ लोगों द्वारा सोनभद्र की जमीन अपने नाम दर्ज करा ली गई है। ग्रामीणों के अनुसार जिन भूमि पर वर्षों से स्थानीय गरीब एवं आदिवासी परिवार निवास कर रहे थे, उन्हीं जमीनों का कागजी स्वामित्व बाहरी लोगों के नाम दर्ज कर दिया गया, जिससे वास्तविक हकदार आज भी अपने अधिकार से वंचित हैं।
राज्यमंत्री जित सिंह खरवार ने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि “सच्चाई को छिपाया नहीं जाएगा, जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी और गरीबों को उनका हक दिलाया जाएगा। गरीब का हिस्सा गरीब को ही मिलेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि यह मामला केवल जमीन का नहीं बल्कि न्याय और अधिकार से जुड़ा हुआ है। यदि स्थानीय लोगों के साथ अन्याय हुआ है और बाहरी व्यक्तियों के नाम पर भूमि दर्ज की गई है, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
जिला संगठन मंत्री रविन्द्र ने ग्रामीणों का समर्थन करते हुए कहा कि संगठन गरीबों और वंचितों के साथ खड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो संगठन आंदोलन करने को बाध्य होगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे भूमि अभिलेख की जांच कराई जाए तथा जिन लोगों ने गलत तरीके से जमीन अपने नाम कराई है, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही वास्तविक पात्र परिवारों को उनका अधिकार वापस दिलाया जाए।
राज्यमंत्री के दौरे के बाद क्षेत्र में यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बार वर्षों से लंबित विवाद का निष्पक्ष समाधान सामने आएगा