प्रीपेड स्मार्ट मीटर के विरोध में व्यापारियों का प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपा
शाहजहांपुर। प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय आह्वान पर सोमवार को व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष सौमित्र गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारी अधीक्षण अभियंता विद्युत कार्यालय पहुंचे और विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।
सर्वर व ऐप की समस्या से उपभोक्ता परेशान
जिला अध्यक्ष सौमित्र गुप्ता ने कहा कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद से हजारों व्यापारियों और उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग का सर्वर अक्सर काम नहीं करता, जिससे उपभोक्ताओं द्वारा किए गए भुगतान समय पर अपडेट नहीं हो पा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कई मामलों में उपभोक्ताओं ने भुगतान कर दिया, लेकिन सिस्टम में अपडेट न होने के कारण उनकी बिजली काट दी गई।
पुरानी सिक्योरिटी और रिकवरी पर सवाल
महानगर अध्यक्ष मो. सलाउद्दीन अख्तर ने कहा कि उपभोक्ताओं की पुरानी सिक्योरिटी राशि का समुचित विवरण उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इसके साथ ही बिना किसी स्पष्ट आधार के वर्षों पुरानी रिकवरी थमा दी जा रही है, जिससे उपभोक्ता मानसिक रूप से परेशान हैं।
बिजली घरों पर लंबी लाइन, अधिकारी बेपरवाह
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि समस्याओं के समाधान के लिए बिजली घरों पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें लग रही हैं, लेकिन अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। “उपभोक्ता परेशान हैं और अधिकारी मस्त हैं” जैसी स्थिति बनी हुई है।
कनेक्शन बंद कराने में भी वसूली के आरोप
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि कनेक्शन स्थायी रूप से बंद (पीडी) कराने के दौरान फाइनल बिल बनाने में अवैध वसूली की जा रही है। साथ ही, प्रीपेड मीटर लगने के बाद भी कई उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर सिस्टम में अपडेट नहीं किए गए हैं।
तकनीकी खामियों से बढ़ी परेशानी
व्यापारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में मीटरों के सीलिंग सर्टिफिकेट पोर्टल पर अपडेट नहीं हैं। कई उपभोक्ताओं के मोबाइल में संबंधित ऐप डाउनलोड ही नहीं हो पा रहा, जिससे रिचार्ज और खपत की जानकारी लेना मुश्किल हो गया है।
प्रीपेड मीटर व्यवस्था वापस लेने की मांग
व्यापारियों ने मांग की कि मौजूदा प्रीपेड मीटर व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित हो रही है, इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। साथ ही, उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान कर पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए।
इस दौरान बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे और जल्द समाधान न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।