डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किया 'The Learning World School' का भव्य शुभारंभ
फाजिलनगर (कुशीनगर): जनपद के शैक्षिक परिदृश्य में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। फाजिलनगर स्थित कैप्टन मोड़, बरहरा चौराहा पर 'The Learning World School' का भव्य उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस आधुनिक शिक्षण संस्थान के खुलने से क्षेत्र के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए द्वार खुल गए हैं।
वैदिक परंपरा के साथ आधुनिक शुरुआत
कार्यक्रम का आरंभ शुकदेव प्रसाद त्रिपाठी स्मारक संस्कृत विद्यापीठ के विद्वान गुरुजनों और छात्रों द्वारा प्रस्तुत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। मंगल ध्वनियों और श्लोकों के बीच डिप्टी सीएम ने विद्यालय का लोकार्पण किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर हो गया।
अतिथियों का सम्मान और सत्कार
इस गौरवशाली अवसर पर पूर्व कोऑपरेटिव बैंक चेयरमैन और विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के जनक शिक्षा जगत के मालवीय पंडित सुभाष प्रसाद त्रिपाठी ने मुख्य अतिथि ब्रजेश पाठक का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने डिप्टी सीएम को पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर पावा की इस पवित्र धरती पर उनका अभिनंदन किया।
"शिक्षा ही समाज के उत्थान का एकमात्र मार्ग है। पावा की इस ऐतिहासिक धरती पर इस तरह के आधुनिक शिक्षण संस्थान की स्थापना क्षेत्र के बच्चों के उज्जवल भविष्य की नींव रखेगी।"
— ब्रजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री (उ.प्र.)
गरिमामयी उपस्थिति
उद्घाटन समारोह में राजनीति और समाजसेवा से जुड़ी कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:
जगदीश मिश्र: चेयरमैन, यूपी एग्रो
सुरेन्द्र कुशवाहा: विधायक फाजिलनगर
विवेकानंद पाण्डेय: विधायक खड्डा
विनय गोंड: विधायक रामकोला
दुर्गेश राय: जिला अध्यक्ष कुशीनगर
विद्यालय प्रबंधन की ओर से ब्रजभूषण शुक्ला और दयाशंकर पांडेय ने आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया और आभार प्रकट किया।
शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति का संकल्प
विद्यालय प्रबंधन ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि The Learning World School का लक्ष्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि क्षेत्र के बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संस्कार प्रदान करना है।
क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह:
विद्यालय के खुलने से फाजिलनगर और आसपास के ग्रामीणों में खुशी की लहर है। स्थानीय अभिभावकों का मानना है कि अब उनके बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।