कलेक्टर ने जिले में नशा और अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के दिए सख्त निर्देश
अटल प्रगति संवाददाता- पांढुर्णा निलेश कलसकर/8966053452
पांढुर्णा। जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और नशे के बढ़ते जाल को तोड़ने के लिए कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नशे और अवैध गतिविधियों के खिलाफ प्रशासन अब जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेगा। उन्होंने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
स्कूलों के पास से हटेंगी दुकानें
बैठक में विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। आगामी 1 अप्रैल से सभी स्कूल परिसरों के आसपास संचालित होने वाली गुटखा, पान और अन्य नशीले पदार्थों की दुकानों को हटाया जाएगा। इसके अलावा स्कूल के रास्तों पर पुलिस की गश्ती बढ़ाई जाएगी ताकि बच्चों को सुरक्षित माहौल मिल सके। कलेक्टर ने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाना प्रशासन की मुख्य जिम्मेदारी है।
होगा आय से अधिक संपत्ति की जांच और सघन चेकिंग
कलेक्टर वशिष्ठ ने भ्रष्टाचार और अवैध कमाई पर भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने आय से अधिक संपत्ति रखने वाले संदिग्धों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही जिले के होटलों, लॉज और मेडिकल स्टोर्स पर पैनी नजर रखने को कहा है। निर्देश दिए गए हैं कि हर महीने कम से कम चार बार इन जगहों की औचक जांच की जाए ताकि अवैध धंधों पर लगाम कसी जा सके।
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस में होगा बेहतर तालमेल
कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए अब एमएलसी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। नशे की लत से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मिलकर काम करेंगे। बैठक में जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया ताकि आम जनता को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जा सके।
बैठक में मौजूद रहे अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में संयुक्त कलेक्टर नेहा सोनी, एसडीएम सिद्धार्थ पटेल, अलका एक्का, एसडीओपी बृजेश भार्गव, सीएमएचओ नरेश गोन्नाडे सहित शिक्षा विभाग और जनपद पंचायत के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस सक्रियता से जिले में अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।