शाहजहांपुर: शहीदों की प्रतिमाएं तोड़े जाने के मामले में नया मोड़, निलंबित जेई-एई ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
शाहजहांपुर। शहर में शहीदों की प्रतिमाओं को बुलडोजर से गिराए जाने के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। निलंबित किए गए कनिष्ठ अभियंता (जेई) और सहायक अभियंता (एई) ने कार्रवाई को गलत बताते हुए खुद को निर्दोष बताया है। वहीं, एई के एक वायरल पत्र से मामले में उच्च अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
निलंबित जेई प्रमोद कुमार का कहना है कि घटना के समय वह और एई मनोज कुमार अवकाश पर थे। उनके अनुसार, उन्होंने 20 मार्च से 23 मार्च तक छुट्टी ली थी और इस दौरान वह मौके पर मौजूद नहीं थे। जेई ने दावा किया कि उनसे प्रतिमाएं हटाने या तोड़ने की कोई अनुमति नहीं ली गई। उनका कहना है कि यदि उनसे पूछा जाता तो वह प्रतिमाओं को सम्मानपूर्वक हटवाते।
जेई ने यह भी बताया कि छुट्टी से लौटने के बाद वह पूरे दिन नगर आयुक्त के साथ रहे, लेकिन इस मामले में उनसे कोई चर्चा नहीं की गई। उन्होंने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर जेसीबी उपलब्ध कराए जाने के संबंध में स्पष्टीकरण भी मांगा है।
एई के पत्र से बढ़ा विवाद
मामले में एई का एक कथित वायरल पत्र भी सामने आया है, जिसमें दावा किया गया है कि संबंधित फर्म के सुपरवाइजर ने बातचीत के दौरान बताया कि प्रतिमाएं हटाने का आदेश नगर आयुक्त की ओर से दिया गया था। हालांकि इस पत्र की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि संबंधित फर्म ने बिना विभागीय जानकारी के रात में जेसीबी, ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर की मदद से प्रतिमाओं को हटाया। साथ ही, प्रतिमाओं को ककरा स्थित एमआरएफ सेंटर में सुरक्षित रखे जाने की बात कही गई है।
नगर आयुक्त का तबादला
घटना के सात दिन बाद नगर आयुक्त डॉ. विपिन कुमार मिश्रा का तबादला कर दिया गया है। उन्हें अब उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में अपर प्रबंध निदेशक बनाया गया है। उनके स्थान पर आईएएस सौम्या गुरुरानी को शाहजहांपुर का नया नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है।
22 मार्च को हुई थी घटना
गौरतलब है कि 22 मार्च की रात गांधी भवन के पास सौंदर्याकरण कार्य के नाम पर शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह की प्रतिमाओं को बुलडोजर से गिरा दिया गया था। घटना के बाद व्यापक विरोध हुआ था, जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई प्रतिमाएं स्थापित कराने के निर्देश दिए थे।
कार्रवाई और जांच पर उठे सवाल
मामले में नगर निगम ने जेई और एई को निलंबित करते हुए लखनऊ की संबंधित फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया था। हालांकि अब यह सवाल उठ रहे हैं कि यदि दोनों अधिकारी अवकाश पर थे तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई।
महापौर अर्चना वर्मा ने कहा कि उन्हें अधिकारियों के अवकाश पर होने की जानकारी नहीं थी। यदि ऐसा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही वायरल पत्र की भी सत्यता की पड़ताल की जाएगी।
नई प्रतिमाओं की मांग तेज
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर नई प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि खंडित प्रतिमाओं का पूजन नहीं किया जाता, इसलिए नई और पूर्ण प्रतिमाएं लगाई जानी चाहिए।
फिलहाल, मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है और लोगों की नजरें अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।