गोवल पतीपुरा में दो पक्षों में खूनी संघर्ष: नामजद आरोपियों का जानलेवा हमला
थाना बीसलपुर क्षेत्र के ग्राम गोवल पतीपुरा में जमीन विवाद ने भयावह रूप ले लिया, जहां 27 मार्च 2026 को हुई घटनाओं में एक युवक जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। इस हमले में रवि नामक युवक पर जानलेवा हमला किया गया, जिसके बाद से वह वेंटिलेटर पर है और अब तक होश में नहीं आया है। जानकारी के अनुसार, दिन के समय रवि और उसका भाई बृजेश (जिसे गांव में कवि के नाम से जाना जाता है) अपने खेत में पानी भर रहे थे। इसी दौरान दबंग पक्ष के लोग अचानक खेत पर पहुंचे और कब्जा करने की नीयत से विवाद करने लगे। बात बढ़ने पर हाथापाई की स्थिति बन गई। आरोप है कि दबंगों ने रवि, बृजेश और उनके पिता के साथ गाली-गलौज की और लाठी-डंडों के साथ खेत पर कब्जा करने का प्रयास किया। इसी दौरान रवि ने 112 पर कॉल कर सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल स्थिति को शांत करा दिया।
लेकिन मामला यहीं शांत नहीं हुआ। उसी दिन शाम करीब 7:30 बजे के आसपास, दबंग पक्ष के लोग पूरी तैयारी और योजना के साथ दोबारा खेत पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि करीब 20 से 30 लोग एकजुट होकर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर आए और सीधे हमला बोल दिया।
हमलावरों ने रवि को घेरकर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया और तब तक वार करते रहे जब तक वह मरणासन्न अवस्था में नहीं पहुंच गया। गंभीर चोटों के कारण रवि मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। उसी दौरान अपने भाई को बचाने पहुंचे बृजेश (कवि) को भी हमलावरों ने नहीं बख्शा और उसे भी बुरी तरह पीट दिया, जिससे वह भी घायल हो गया। मामले में अनुराग यादव पुत्र मुरारीलाल, नरदेव पुत्र श्रीपाल, मुनेंद्र यादव पुत्र नरदेव, अभिषेक पुत्र सत्यपाल यादव और विवेक पुत्र सत्यपाल यादव सहित अन्य अज्ञात लोगों की संलिप्तता सामने आई है। बताया जा रहा है कि हमला सुनियोजित और जानलेवा था, जिससे पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है। गंभीर रूप से घायल रवि को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। घटना के दिन से अब तक रवि को होश नहीं आया है और उसकी हालत मरणासन्न बनी हुई है। वहीं, बृजेश (कवि) का भी इलाज जारी है। घटना के बाद पीड़ित पक्ष थाना बीसलपुर पहुंचा, जहां पुलिस ने 29 मार्च 2026 को नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परिजनों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।
परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्क बनी हुई है।