बड़ी खबर: मानवाधिकार संरक्षण आयोग ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, केशव थलवाल प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच की मांग।
देहरादून/टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड में केशव थलवाल और पुलिस विभाग के बीच चल रहे विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। विश्व मानवाधिकार संरक्षण आयोग (World Human Rights Protection Commission) ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री उत्तराखंड को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
आयोग को भेजे गए पत्र के अनुसार, टिहरी गढ़वाल के प्रतापनगर तहसील (ग्राम-कुराण) निवासी केशव थलवाल पुत्र स्व. श्री बोलम सिंह थलवाल ने पुलिस विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि पुलिस द्वारा उनके साथ अमानवीय व्यवहार और उत्पीड़न किया गया है।
आयोग ने संज्ञान लिया है कि यह मामला सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर प्रमुखता से छाया हुआ है, जिससे न केवल उत्तराखंड बल्कि देश-विदेश में भी प्रदेश और पुलिस विभाग की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
आयोग की मुख्य मांगें:
हरिद्वार में आयोजित आयोग की बैठक के बाद मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में निम्नलिखित मांगें की गई हैं:
* उच्च स्तरीय जांच: केशव थलवाल प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
* दोषियों पर कार्रवाई: जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
* सीबीआई जांच की मांग: पत्र में दिवंगत पत्रकार स्व. राजीव प्रताप की मृत्यु की भी सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।
* मुख्यमंत्री से वार्ता: आयोग ने इन विषयों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री से समय की मांग की है।
पुलिस महानिदेशक को भी भेजी प्रतिलिपि
आयोग ने इस पत्र की एक प्रति पुलिस महानिदेशक (DGP), उत्तराखंड को भी प्रेषित की है। इसमें अनुरोध किया गया है कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द जांच पूरी की जाए और की गई कार्रवाई से आयोग को भी अवगत कराया जाए।
इस पत्र पर आयोग के राष्ट्रीय सदस्यों और पदाधिकारियों, जिनमें डॉ. आन सिंह कांडली, डॉ. शांति रघुवाण, डॉ. विजय सिंह, डॉ. चंद्र शे