जनता की समस्या छोड़,भाजपा प्रशिक्षण में व्यस्त, आखिर किस बात का संगठन? -डॉ. प्रकाश शर्मा
छुरिया: भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जिला कांग्रेस के पूर्व सचिव डॉ. प्रकाश शर्मा ने कहा कि गैंदाटोला क्षेत्र की जनता आज भी सड़क, रोजगार, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन सत्ता में बैठी भाजपा सरकार और उसके जनप्रतिनिधि इन समस्याओं के समाधान के बजाय कार्यकर्ता प्रशिक्षण और संगठनात्मक कार्यक्रमों में व्यस्त हैं।
उन्होंने कहा कि जब सड़कें जर्जर हों, विकास कार्य ठप पड़े हों, ग्रामीण परेशान हों और जनप्रतिनिधि मौन हों, तब ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का औचित्य समझ से परे है। डॉ. शर्मा ने सवाल उठाया कि जो भाजपा सरकार सत्ता में रहते हुए भी जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही, वह आखिर किस आधार पर जनता से समर्थन मांग रही है।
डॉ. शर्मा ने आरोप लगाया कि गैंदाटोला में आयोजित यह तथाकथित प्रशिक्षण कार्यक्रम वास्तव में जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने का एक प्रयास मात्र है। उन्होंने कहा कि जनता को नारे और भाषण नहीं, बल्कि सड़क, रोजगार और मूलभूत सुविधाएं चाहिए।
उन्होंने बताया कि गैंदाटोला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर सड़कें, अधूरे विकास कार्य, जनसुविधाओं का अभाव और वर्षों से लंबित मांगें आज भी जस की तस बनी हुई हैं। जबकि भाजपा सरकार, विधायक, सांसद और संगठन सभी एक ही सत्ता संरचना में हैं, इसके बावजूद क्षेत्र का विकास नहीं हो पा रहा है, जो यह दर्शाता है कि भाजपा की प्राथमिकता जनता नहीं, बल्कि केवल चुनावी गणित है।
डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि विगत दिनों सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा रायपुर मंत्रालय जाकर मंत्रियों को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन उस पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे स्पष्ट है कि सरकार जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने की बात कर रही है, लेकिन जनता पूछ रही है— गांव की सड़क कब बनेगी, युवाओं को रोजगार कब मिलेगा, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कब होगा और क्षेत्र में महाविद्यालय कब खुलेगा।
डॉ. प्रकाश शर्मा ने कहा कि सच्चाई यह है कि संगठन जनता से बनता है, पोस्टर और प्रशिक्षण से नहीं; और विश्वास काम से बनता है, भाषणों से नहीं। भाजपा ने विकास के बड़े-बड़े दावे जरूर किए, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जनता आज भी संघर्ष कर रही है और भाजपा केवल प्रचार में लगी हुई है।
उन्होंने मांग की कि जर्जर सड़कों का तत्काल सर्वे कर मरम्मत एवं निर्माण कार्य शुरू किया जाए, लंबित विकास कार्यों की सार्वजनिक समीक्षा की जाए, जनप्रतिनिधि जनता के बीच खुली बैठक कर जवाब दें, जनसमस्या समाधान शिविर लगाए जाएं और सभी समस्याओं के समाधान की समयसीमा घोषित की जाए।
अंत में डॉ. शर्मा ने कहा कि यदि भाजपा जनता का विश्वास नहीं जीत सकती और मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं कर सकती, तो उसके प्रशिक्षण और संगठनात्मक कार्यक्रमों का कोई नैतिक औचित्य नहीं बचता। अब जनता जाग चुकी है और वह भाजपा के नारों से नहीं, बल्कि अपने अनुभव और विकास कार्यों के आधार पर फैसला करेगी। गैंदाटोला की जनता जवाब भी मांगेगी, हिसाब भी मांगेगी और समय आने पर बदलाव भी करेगी।