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मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित "रीवा–मिर्जापुर रेल लाइन" एक बार फिर चर्चा में है। अब तक इस परियोजना की मांग रीवा से सांसद

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित "रीवा–मिर्जापुर रेल लाइन" एक बार फिर चर्चा में है। अब तक इस परियोजना की मांग रीवा से सांसद जनार्दन मिश्रा के सामने उठती रही, लेकिन अब मिर्जापुर से भी इस आवाज को बल मिल रहा है।

मिर्जापुर की जनता ने केंद्रीय मंत्री और सांसद Anupriya Patel के सामने इस रेल लाइन की मांग उठाई है। लालगंज क्षेत्र में लोगों ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया, जिससे यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

करीब 171 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित यह रेल लाइन मिर्जापुर, लालगंज, हलिया और हनुमना होते हुए मध्य प्रदेश के रीवा जिले को जोड़ेगी। इस परियोजना के शुरू होने से न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार और विकास को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

दिलचस्प बात यह है कि यह परियोजना कोई नई नहीं है, बल्कि वर्ष 2003 से लंबित है। पिछले दो दशकों में हर चुनाव में यह मुद्दा उठता रहा है। पहले कांग्रेस ने इसे चुनावी वादा बनाया, और अब भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा भी अपने भाषणों में इसका जिक्र करते रहते हैं।

इस परियोजना के लिए सर्वे और डीपीआर भी तैयार हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है। सबसे अहम बात यह है कि अगर यह रेल लाइन बनती है, तो मिर्जापुर से मुंबई की दूरी भी कम हो जाएगी और यात्रा पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी।

फिलहाल, मिर्जापुर से उठी इस नई मांग ने लोगों की उम्मीदों को फिर जगा दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि यह परियोजना कब तक कागजों से निकलकर जमीन पर उतरती है।

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