एसआरजी और जनाना अस्पताल में बढ़ेंगे सात निशुल्क दवा काउंटर
झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के एसआरजी व जनाना अस्पतालों में अब मरीजों को दवाइयों के लिए लंबी लाइनें लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत झालावाड़ सहित प्रदेशभर के अस्पतालों में अतिरिक्त दवा वितरण केंद्र (डीडीसी) बढ़ाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों से 3 दिन में विस्तृत प्रस्ताव मांगे हैं। झालावाड़ मेडिकल कॉलेज ने भी दोनों अस्पतालों में 7 अतिरिक्त दवा काउंटर के प्रस्ताव भेजे हैं। इसमें 4 एसआरजी व 3 जनाना अस्पताल में खोले जाएंगे। एसआरजी अस्पताल में अभी 10 और जनाना अस्पताल में 6 काउंटर संचालित है। लेकिन दोनों अस्पतालों में मरीजों के दबाव को देखते हुए ये काउंटर कम पड़ रहे हैं। यहां करीब 23 डीडीसी की जरूरत है। ऐसे में 7 अतिरिक्त निशुल्क दवा काउंटर के फार्मा विभाग ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन के मार्फत प्रस्ताव बनाकर भेजे है। नए डीडीसी मिलने पर फार्मासिस्ट की आएगी कमी दोनों अस्पतालों में संचालित 16 काउंटरों के लिए वर्ममान में ही 8 फार्मासिस्ट की कमी है। ऐसे में कई काउंटर तो हेल्परों के भरोसे चल रहे हैं। अब 7 अतिरिक्त काउंटर और खुलने वाले हैं। ऐसे में इन काउंटर के संचालन के लिए और फार्मासिस्ट की जरूरत होगी। मेडिकल कॉलेज में 17 पद स्वीकृत है। पूर्व में इन पदों को ठेकाकर्मी लगाकर भरा गया था। लेकिन इनमें से कुछ नई भर्ती में चले गए और कुछ ने रिजाइन कर दिया। जिससे यह पद फिर खाली हो गए।
विभाग ने फार्मासिस्ट लगाने की भी मांग की है। मेडिकल कॉलेज के दोनों अस्पतालों के लिए मरीजों के ओपीडी लोड को देखते हुए 23 निशुल्क दवा वितरण काउंटर के प्रस्ताव बनाकर भेजे हैं। अभी वर्तमान मे 16 ही संचालित है। सरकार की डिमांड पर 7 और के प्रस्ताव दुबारा भेजे है। - डॉ. संजय पोरवाल, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज झालावाड़ नियमों के अनुसार 120 मरीजों की ओपीडी पर एक दवा वितरण केंद्र और एक फार्मासिस्ट होना चाहिए है। जबकि दोनों अस्पतालों में प्रतिदिन 2760 से लेकर 3 हजार रोगी उपचार के लिए आ रहे हैं। ऐसे में यहां करीब 23 दवा वितरण काउंटर होने चाहिए। जबकि केवल 16 ही काउंटर संचालित हैं।
Aima मीडिया jhalawar