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माड़ा थाना क्षेत्र में नशे का साम्राज्य! जिम्मेदारों की चुप्पी से बढ़ा खतरा, युवा पीढ़ी हो रही बर्बाद ।


आईजी के सख्त निर्देशों के बावजूद कोरेक्स, गांजा, ब्राउन शुगर का खुलेआम कारोबार — ग्रामीणों ने लगाया संरक्षण का आरोप, कार्रवाई की उठी मांग


सिंगरौली। 28 मार्च 2026
जिले के माड़ा थाना क्षेत्र में अवैध नशे का कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर रीवा रेंज के आईजी द्वारा लगातार नशामुक्ति अभियान को लेकर सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। क्षेत्र में कोरेक्स, हीरोइन, गांजा और ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थों की बिक्री खुलेआम जारी है।
क्षेत्र में इस समय नशे के कारोबार का गढ़ बनता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि माड़ा, छतौली, धनहा सहित कई गांवों में नशे का जाल गहराई तक फैल चुका है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि नशे के सौदागर अब बेखौफ होकर दिन-दहाड़े अपना धंधा चला रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, इस अवैध कारोबार का सबसे बुरा असर क्षेत्र के युवाओं पर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं, जिससे कई परिवारों की स्थिति चिंताजनक हो गई है।

अभिभावक अपने बच्चों को इस दलदल से निकालने के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आई है।

थाना प्रभारी पर संरक्षण के आरोप?

समाजसेवी संगठनों और ग्रामीणों ने सबसे गंभीर आरोप माड़ा थाना प्रभारी पर लगाए हैं। उनका कहना है कि इस पूरे अवैध कारोबार को कहीं न कहीं पुलिस का संरक्षण मिल रहा है। शिकायतों के बावजूद पुलिस द्वारा केवल औपचारिक कार्रवाई की जाती है — कभी कुछ पुड़िया बरामद कर प्रेस नोट जारी कर दिया जाता है, तो कभी अज्ञात आरोपियों पर मामला दर्ज कर खानापूर्ति कर ली जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि बड़े सौदागर और इस कारोबार के असली सरगना आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। चौराहों पर यह चर्चा आम है कि पुलिस की कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित है और बड़े लोगों तक हाथ नहीं पहुंचता।

कार्रवाई की मांग हुई तेज।

माड़ा क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और क्षेत्र में विशेष टीम भेजकर सघन कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि जब तक बड़े स्तर पर सख्ती नहीं होगी, तब तक नशे के इस जाल को खत्म करना संभव नहीं है।

सवालों के घेरे में व्यवस्था?

माड़ा थाना क्षेत्र में बढ़ते नशे के कारोबार ने न केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है, बल्कि समाज के भविष्य पर भी गहरा संकट खड़ा कर दिया है। युवा पीढ़ी तेजी से इसकी चपेट में आ रही है, जबकि अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इन गंभीर आरोपों को संज्ञान में लेकर ठोस कार्रवाई करेगा? पुलिस विभाग अपने ही सिस्टम पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर पाएगा?

या फिर नशे का यह काला कारोबार यूं ही फलता-फूलता रहेगा…?

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