मां पूर्णागिरि के लिए दूसरी अखंड ज्योत पदयात्रा रवाना, श्रद्धा और भक्ति से गूंजा कस्बा
फतेहगंज पश्चिमी (बरेली)। कस्बे के मोहल्ला माली स्थित प्राचीन बगिया वाली काली माता मंदिर से मां पूर्णागिरि धाम के लिए दूसरी अखंड ज्योत पदयात्रा श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ रवाना हुई। इस दौरान पूरा क्षेत्र “जय मां काली” और “जय मां पूर्णागिरि” के जयकारों से गूंज उठा। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पदयात्रा में भाग लेकर मां के प्रति अपनी अटूट आस्था का परिचय दिया।
पदयात्रा का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना और हवन के साथ किया गया। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अखंड ज्योत को विशेष रूप से सुसज्जित कर श्रद्धापूर्वक यात्रा के लिए रवाना किया गया। भक्तों ने माता के भजनों और जयकारों के बीच यात्रा को भव्य रूप दिया।
इस पदयात्रा का आयोजन जय मां काली सेवा संस्थान के तत्वावधान में किया गया, जिसमें क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग और श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा के महंत शंकर लाल गुप्ता ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मां पूर्णागिरि की यह यात्रा केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज में एकता, सेवा और सद्भाव का संदेश भी देती है। कस्बा वासियों और व्यापारियों ने पदयात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। चौकी प्रभारी अनूप सिंह, हेड कांस्टेबल विपिन कुमार और कांस्टेबल अक्षय कुमार यात्रा में शामिल रहे और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली। उनकी मौजूदगी से यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में आगे बढ़ सकी।
भक्ति में डूबे श्रद्धालु, जगह-जगह स्वागत
पदयात्रा के दौरान मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। कई जगहों पर भक्तों के लिए जलपान और प्रसाद की व्यवस्था भी की गई। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी भक्ति में लीन नजर आए।
आस्था और एकता का प्रतीक बनी यात्रा
यह अखंड ज्योत पदयात्रा क्षेत्र में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी प्रतीक बनकर उभरी। श्रद्धालुओं का उत्साह और अनुशासन देखते ही बन रहा था। आयोजकों ने सभी भक्तों का आभार व्यक्त करते हुए यात्रा की सफलता के लिए मां का आशीर्वाद बताया।
पदयात्रा के रवाना होते ही कस्बे में भक्ति का माहौल बन गया और हर ओर मां के जयकारों की गूंज सुनाई दी।