अयोध्या में महायज्ञ के दौरान भीषण आग, बड़ा हादसा टला – प्रशासन सतर्क
अयोध्या ( शनिवार )। उत्तर प्रदेश के पवित्र नगरी अयोध्या से शनिवार को एक चिंताजनक खबर सामने आई, जहां सरयू नदी के तट पर चल रहे भव्य श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के दौरान अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना ने कुछ ही पलों में पूरे आयोजन स्थल को दहशत और अफरा-तफरी में बदल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महायज्ञ में “महा-आहुति” के दौरान जैसे ही नारियल अग्निकुंड में चढ़ाया गया, उसी समय तेज धमाके के साथ वह फट गया और चिंगारियां चारों ओर फैल गईं। देखते ही देखते यज्ञशाला में लगे पंडाल, सजावटी कपड़े और अन्य ज्वलनशील सामग्री ने आग पकड़ ली, जिससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
कुछ ही मिनटों में आग की लपटों ने पूरी यज्ञशाला को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं और आयोजकों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। हालांकि, मौके पर मौजूद स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग तुरंत हरकत में आया और 6 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।आग बुझाने में करीब एक घंटे का समय लगा। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन कुछ लोगों को हल्की चोटें और घबराहट के कारण प्राथमिक उपचार दिया गया।
जानकारी के अनुसार, यह महायज्ञ माझा जमथरा क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा था, जो कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से लगभग 800 मीटर की दूरी पर स्थित है। रामनवमी के पावन अवसर पर आयोजित इस महायज्ञ में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे थे।
इस धार्मिक आयोजन का संचालन उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के संरक्षण में किया जा रहा था। घटना के समय गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक अभय सिंह भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे। घटना के बाद दोनों जनप्रतिनिधियों ने मौके का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए पूरे क्षेत्र को घेर लिया और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं और घटना के कारणों की गहन जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में नारियल फटने से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन फॉरेंसिक जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा प्रबंधों की पोल खोलकर रख दी है। सवाल उठ रहे हैं कि इतने बड़े स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे? ज्वलनशील सामग्री का उपयोग और भीड़ नियंत्रण की कमी भी इस हादसे का बड़ा कारण मानी जा रही है।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें। साथ ही, भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए सख्त सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
अयोध्या जैसे आस्था के केंद्र में इस तरह की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।हालांकि, समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। लेकिन यह घटना आने वाले समय में आयोजकों और प्रशासन के लिए एक बड़ी सीख बनकर सामने आई।