*कमांड अस्पताल चंडीमंदिर ने हृदय स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए किया संगोष्ठी का आयोजन*
मनोज शर्मा, चंडीगढ़। पश्चिमी कमान मुख्यालय के तत्वावधान में, ट्राईसिटी के प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञों के सहयोग से कमांड अस्पताल चंडीमंदिर द्वारा 27 मार्च 2026 को “हर धड़कन मायने रखती है” विषय पर एक भव्य कार्डियोलॉजी संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
सैनिकों और उनके परिवारों में हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से, अस्पताल द्वारा संगोष्ठी से पूर्व स्वस्थ हृदय, संतुलित आहार और जीवनशैली के महत्व पर व्याख्यानों की एक श्रृंखला आयोजित की गई। इन सत्रों में विशेषज्ञों और श्रोताओं के बीच संवादात्मक चर्चा हुई, जिसमें हृदय रोगों से जुड़े विभिन्न मिथकों का वैज्ञानिक आधार पर खंडन किया गया।
मुख्य संगोष्ठी के दौरान ज्ञानवर्धक अकादमिक चर्चाओं के साथ-साथ शीघ्र निदान और रोगी-केंद्रित उपचार पद्धतियों पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कमांड अस्पताल (पश्चिमी कमान) के कमांडेंट मेजर जनरल हरकीरत सिंह ने युवाओं में बढ़ते हृदय रोगों पर चिंता व्यक्त की और निवारक उपायों एवं जागरूकता अभियानों को और सशक्त बनाने का आह्वान किया।
इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में ट्राईसिटी के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञों—प्रो. वाईपी शर्मा, प्रो. राजेश विजयवर्गीय, प्रो. रोहित मनोज, प्रो. अजय बहल, सर्जन वाइस एडमिरल रजत दत्ता (सेवानिवृत्त), मेजर जनरल नवीन अग्रवाल (सेवानिवृत्त), ब्रिगेडियर नवरीत सिंह (वीएसएम), डॉ. पराग बरवाड, डॉ. हिमांशु गुप्ता, डॉ. देवेंद्र बिष्ट एवं डॉ. सुधांशु—ने भाग लेकर हृदय रोगों की रोकथाम, उपचार और नवीनतम तकनीकों पर अपने विचार साझा किए।
(पीजीआईएमईआर) चंडीगढ़ सहित अन्य सेवा अस्पतालों के विशेषज्ञों ने भारत में हृदय रोगों के तेजी से बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समय पर जांच कराने की आवश्यकता पर बल दिया।
संगोष्ठी के दौरान हृदय विफलता के आधुनिक उपचार, संरचनात्मक हृदय हस्तक्षेप, कार्डियोमायोपैथी, कोरोनरी हस्तक्षेप में इमेजिंग तकनीक, फिजियोलॉजिकल पेसिंग तथा उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हृदय रोगों के प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को ट्रांसकैथेटर वाल्व प्रतिस्थापन और जटिल एंजियोप्लास्टी जैसी न्यूनतम चीर-फाड़ वाली उन्नत प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई, जो समय पर उपचार से जीवन बचाने में अत्यंत सहायक सिद्ध हो रही हैं।
अंत में, सभी विशेषज्ञों ने निवारक कार्डियोलॉजी को मजबूत करने, आधुनिक तकनीक को चिकित्सकीय विशेषज्ञता के साथ जोड़ने तथा समाज के हर वर्ग तक हृदय स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया, ताकि बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।