रामनगर (गन्नौर) के पूर्व सैनिक, लेखक एवं शोधकर्ता नरेश दास वैष्णव निम्बार्क ने सनातन वैष्णव बैरागी इतिहास पर महत्वपूर्ण शोध प्रस्तुत किया
🚩 जय श्री राधे कृष्णा 🚩
📍 रामनगर (गन्नौर), सोनीपत
📅 दिनांक: 28 मार्च 2026
रामनगर (गन्नौर) के पूर्व सैनिक, लेखक एवं शोधकर्ता नरेश दास वैष्णव निम्बार्क ने सनातन वैष्णव बैरागी इतिहास पर महत्वपूर्ण शोध प्रस्तुत किया
गन्नौर क्षेत्र के निवासी एवं भारतीय सेना के पूर्व सैनिक, लेखक व स्वतंत्र शोधकर्ता नरेश दास वैष्णव निम्बार्क ने सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा के उपेक्षित इतिहास को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्य किया है।
उन्होंने अपने शोध के माध्यम से उन तपस्वी योद्धाओं (Warriors & Soldiers) के इतिहास को सामने लाने का प्रयास किया है, जिन्होंने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
📖 उनकी प्रमुख हिंदी पुस्तकें:
- यात्रा: बंदूक से कलम तक
- महंत बने महाराजा
📖 उनकी प्रमुख अंग्रेजी पुस्तकें:
- Sanatan Vaishnav Bairagi: Warriors and Soldiers
- Nimbark Sampraday: Sanatan Vaishnav Bairagi Tradition
📰 इसके साथ ही उनकी हिंदी मासिक ई-पत्रिका
“सनातन भारत – नया सवेरा”
नियमित रूप से प्रत्येक माह प्रकाशित होती है, जो समाज में धर्म, संस्कृति और इतिहास के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही है।
💬 नरेश दास वैष्णव निम्बार्क का कहना है कि
“भक्ति, सेवा और धर्म की रक्षा — यही हमारे जीवन का मूल उद्देश्य होना चाहिए।”
🌸 उनका यह कार्य विशेष रूप से युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और सनातन संस्कृति के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
📢 स्थानीय स्तर पर उनके इस शोध कार्य की सराहना की जा रही है और समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा इसे एक प्रेरणादायक पहल माना जा रहा है।
🌐 अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:
👉 www.nareshswaminimbark.in
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🇮🇳 जय हिंद | जय श्री कृष्णा
✍️ रिपोर्ट: विशेष संवाददाता