नए भारत' के 'नए उत्तर प्रदेश' की विकास यात्रा में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है।
नए भारत' के 'नए उत्तर प्रदेश' की विकास यात्रा में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के प्रथम चरण का भव्य उद्घाटन प्रदेश ही नहीं, पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।
✈️ परियोजना का महत्व
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में से एक बनने की दिशा में अग्रसर है। यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर कनेक्टिविटी देने का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुविधा बढ़ेगी और व्यापार, पर्यटन व निवेश को नई गति मिलेगी।
📍 स्थान और कनेक्टिविटी
यह एयरपोर्ट जेवर (गौतम बुद्ध नगर) में स्थित है, जो नोएडा और ग्रेटर नोएडा के पास है।
यहां से दिल्ली-NCR, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों को बेहतर सड़क, रेल और मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी।
🚀 रोजगार और विकास
हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा
आसपास के क्षेत्रों में इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक हब विकसित होंगे
छोटे व्यापारियों और किसानों को अपने उत्पाद बड़े बाजारों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा
🌾 किसानों का योगदान
इस परियोजना को साकार करने में स्थानीय किसानों का विशेष योगदान रहा है। उनकी भूमि और सहयोग से यह विकास संभव हुआ है। इसलिए यह सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि किसानों के सपनों और त्याग का प्रतीक भी है।
🌍 भविष्य की दृष्टि
आने वाले चरणों में यह एयरपोर्ट कई रनवे और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिससे यह भारत के सबसे व्यस्त और आधुनिक हवाई अड्डों में शामिल हो जाएगा।
25 करोड़ प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री जी का हार्दिक आभार एवं अभिनंदन।
यह एयरपोर्ट न सिर्फ उड़ानों का केंद्र बनेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का प्रवेश द्वार भी साबित होगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) की लागत चरणों में तय की गई है।
💰 कुल लागत (अनुमानित)
पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत: लगभग ₹29,000 – ₹30,000 करोड़
✈️ पहला चरण
प्रथम चरण की लागत: करीब ₹10,000 – ₹11,000 करोड़
यह एयरपोर्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर बनाया जा रहा है और आने वाले वर्षों में इसे कई चरणों में विस्तार दिया जाएगा।