काशीपुर में बड़ा श्रम घोटाला! फ्लेक्सिटफ वेंचर्स पर वेतन व पीएफ हड़पने का आरोप
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केंद्र सरकार को भेजी गई शिकायत, सैकड़ों कर्मचारियों का भविष्य संकट में
काशीपुर (ऊधम सिंह नगर):
काशीपुर स्थित Flexituff Ventures International Limited के खिलाफ कर्मचारियों के शोषण और श्रम कानूनों के गंभीर उल्लंघन का मामला सामने आया है। इस संबंध में एड. उपेन्द्र सिंह (प्रदेश महामंत्री, विश्व हिंदू रक्षा संगठन) ने
माननीय सचिव महोदय,
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार,
नई दिल्ली
को औपचारिक शिकायत भेजकर मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
वेतन न मिलने से श्रमिकों पर संकट
बताया जा रहा है कि कंपनी द्वारा जनवरी 2025 से जून 2025 तक कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया गया, जिससे सैकड़ों श्रमिकों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पीएफ राशि का भी नहीं किया गया जमा
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने जून 2022 से सितंबर 2025 तक कर्मचारियों के वेतन से काटी गई भविष्य निधि (PF) की राशि संबंधित विभाग में जमा नहीं कराई। यह सीधा-सीधा श्रम कानूनों का उल्लंघन है और कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है।
अवैध ले-ऑफ से बढ़ी परेशानी
इतना ही नहीं, कंपनी प्रबंधन ने 19 जून 2025 से 10 सितंबर 2025 तक कर्मचारियों को बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के ले-ऑफ पर रखा। इसके बाद भी कंपनी का संचालन शुरू नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
झूठे आश्वासन का आरोप
कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने लिखित रूप में वेतन भुगतान और कंपनी दोबारा शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक न तो वेतन मिला और न ही कंपनी चालू हुई।
पहले भी हुई शिकायत, नहीं निकला समाधान
इस मामले को लेकर पीएफ कार्यालय हल्द्वानी और श्रम विभाग रुद्रपुर में पहले भी शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। विभागीय कार्रवाई के बावजूद अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
कानूनी कार्रवाई की मांग तेज
एड. उपेन्द्र सिंह ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 406 (आपराधिक न्यासभंग) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने सभी कर्मचारियों का बकाया वेतन, पीएफ राशि ब्याज सहित और अन्य देय भुगतान जल्द दिलाने की अपील की है।
सरकार से त्वरित हस्तक्षेप की अपील
शिकायत में केंद्र सरकार से उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित कर्मचारियों को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की गई है।
बढ़ सकता है आंदोलन
यदि जल्द ही इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो आने वाले समय में यह विवाद बड़ा आंदोलन का रूप ले सकता है। श्रमिकों में भारी आक्रोश है और सभी की निगाहें अब सरकार की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।