मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले की खाचरोद तहसील का गांव गोठड़ा माताजी की प्रसिद्ध भविष्यवाणी चैत्र नवरात्रि की नवमी भविष्यवाणी हुई
*उज्जैन जिले से हुई देश की भविष्यवाणी क्या-क्या होगा देश के राजा पर संकट बताया*
*मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की खाचरोद तहसील सीमा पर स्थित गोठड़ा माताजी (मां महिषासुर मर्दिनी) मंदिर में चैत्र नवरात्रि की नवमी (27 मार्च 2026) को वर्ष भर के लिए महत्वपूर्ण भविष्यवाणियां की गईं,,, पांडा नागुलाल चौधरी धनगर यह भविष्यवाणी करते हैं*
इस वर्ष किसानों के लिए अच्छी खबर है। लहसुन, सोयाबीन और गेहूं के दाम अच्छे रहने की संभावना जताई गई है। फसलों की पैदावार भी बेहतर होगी, हालांकि तीन बार बोवनी के योग भी बन रहे हैं।
भविष्यवाणी के अनुसार, इस वर्ष देश में गंभीर बीमारियों और प्राकृतिक प्रकोप का प्रभाव देखने को मिल सकता है।
राजनीति और समाज: राजनीतिक क्षेत्र में काफी उठापटक होने की संभावना है। इसके अलावा, समाज में बेटियों की रक्षा करने पर विशेष जोर देने की बात कही गई है।
पंडित नागूलाल ने बताया कि इस वर्ष आगजनी और तेज हवाओं का प्रकोप अधिक रहेगा। वैशाख माह में भी वर्षा होने के संकेत हैं। ज्येष्ठ माह के प्रारंभ में कम और अंत में अधिक वर्षा होगी। सावन में कहीं अत्यधिक तो कहीं बहुत कम वर्षा होगी, जबकि आधे सावन में सामान्य वर्षा रहेगी। भादवा माह में आधा समय सूखा और आधा समय वर्षा होगी। कुओं में पानी भरपूर रहेगा, लेकिन वर्षा से नुकसान की भी संभावना है। भूकंप की भी चेतावनी है।
बुवाई को लेकर उलझन की स्थिति रहेगी जनता की अदालत को मिली जानकारी के अनुसार पांडा जी ने कहा कि बीज दोगुना रखना पड़ेगा। पहली बुवाई आषाढ़ माह की एकम से दशमी तक, दूसरी बुवाई आधे आषाढ़ की एकम से पंचमी तक और तीसरी बुवाई आषाढ़ अंत से सावन प्रारंभ तक उपयुक्त बताई गई है। मंगलवार को तेरस तिथि पर दोपहर 2:30 बजे बुवाई का विशेष मुहूर्त बताया गया है। हाथ से बुवाई करने की सलाह दी गई है, ट्रैक्टर से नहीं। बहते और आते आषाढ़ में बावनी अच्छी रहने की संभावना जताई गई है।
मावठा, अतिवृष्टि और ओलावृष्टि,,सात मावठे बताए गए हैं, जो अगहन, पौष और माघ में गिरेंगे तथा ओलावृष्टि के साथ नुकसान अधिक होगा। अतिवृष्टि तीन बार- माघ के शुरुआत और अंत में तथा फाल्गुन के मध्य में होगी।
प्राकृतिक आपदाएं और बीमारी का प्रकोप,,, जनता के दर्द को मिली जानकारी के अनुसार भविष्यवाणी में कहा गया कि माघ और पौष माह में भूकंप के झटके महसूस होने की संभावना जताई गई है, जो कहीं हल्के तो कहीं तेज हो सकते हैं। कुंवार और कार्तिक माह में संक्रमण या अन्य बीमारियों का प्रकोप अधिक रहेगा। वैशाख से आषाढ़ तक ऐसी बीमारी फैल सकती है कि लोगों को घरों में ही रहना पड़े। गाय-भैंसों में भी बीमारी फैलने की आशंका जताई गई है।
सामाजिक और आर्थिक चेतावनी जनता की रात को मिली जानकारी के अनुसार भविष्यवाणी में कहां गया है कि सोना-चांदी में आम लोगों को निवेश नहीं करने की सलाह दी गई है, हालांकि व्यापारियों के लिए यह लाभकारी रहेगा। अपने और पशुओं के लिए भोजन की व्यवस्था रखने को कहा गया है। भविष्यवाणी में यह भी कहा गया कि कठिन परिस्थितियों में अंतिम संस्कार तक संभव नहीं हो पाएंगे।
राजनीति में भारी उथल-पुथल और विवाद होने की संभावना जताई गई है। विश्व स्तर पर देशों के बीच युद्ध जारी रहने और इस वर्ष उसके और बढ़ने के संकेत दिए गए हैं। एक ऐसा घटनाक्रम भी होने की बात कही गई है जिससे सरकारें भी थक जाएंगी। देश के राजा पर भी संकट के बादल रहेंगे।