मऊरानीपुर क्षेत्र के सिद्धिपुरा में स्कूल बसों की लापरवाही, बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़
मऊरानीपुर क्षेत्र स्थित गुरु रामहर्षण एकेडमी सिद्धिपुरा एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह चिंताजनक है। अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि स्कूल की बसों में बच्चों को अत्यधिक संख्या में भरा जा रहा है, मानो उन्हें “भूसे की तरह” ठूंसा जा रहा हो।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों के अनुसार, बसों में बैठने की निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक बच्चों को चढ़ाया जाता है। कई बच्चे खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सुबह और छुट्टी के समय बसों में अफरा-तफरी का माहौल देखा जाता है।
एक अभिभावक ने बताया, “हम अपने बच्चों को सुरक्षित भविष्य के लिए स्कूल भेजते हैं, लेकिन इस तरह की लापरवाही डर पैदा करती है।” वहीं, कुछ बच्चों ने भी बताया कि बस में सांस लेने तक की जगह नहीं होती।
इस मामले में अभी तक स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, क्षेत्रीय प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की जा रही है कि इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल बसों के लिए सरकार द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है, जिसमें सीट क्षमता, सीसीटीवी, परिचालक (कंडक्टर) और सुरक्षा उपकरण शामिल हैं।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब तक कार्रवाई करता है और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।