logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

बालकवि की 'पीली चिट्ठी' पर PMO ने लिया संज्ञान: राजस्थानी भाषा मान्यता के लिए गृह मंत्रालय को निर्देश

झालावाड़ के बालकवि मनीष कुमार सेन की राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने की मुहिम अब रंग लाती दिखाई दे रही है। उनकी ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजी गई 'पीली चिट्ठी' पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने संज्ञान लिया है। PMO ने इस मामले को गृह मंत्रालय को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया है।

बालकवि मनीष को प्रधानमंत्री कार्यालय से एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी मिली है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुभाग अधिकारी माधव कुमार सिंह द्वारा जारी पत्र में मनीष कुमार सेन की बात को गंभीरता से लिया गया है।



PMO ने बालकवि की याचिका को भारत सरकार के गृह मंत्रालय को 'यथोचित कार्रवाई' के लिए अग्रेषित किया है। पत्र में यह भी उल्लेख है कि की गई कार्रवाई का जवाब सीधे याचिकाकर्ता को भेजा जाएगा और इसकी प्रति आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।



मनीष कुमार सेन ने गत 21 फरवरी को राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजा था। यह पत्र पीले कागज पर लाल स्याही से राजस्थानी भाषा में लिखा गया था। राजस्थान की परंपरा में 'पीली चिट्ठी' को शुभ समाचार और निमंत्रण का प्रतीक माना जाता है, जिसे मनीष ने अपनी मातृभाषा के सम्मान के लिए माध्यम बनाया था।



PMO से मिली इस सकारात्मक प्रतिक्रिया पर बालकवि मनीष कुमार सेन ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह केवल उनका व्यक्तिगत पत्र नहीं, बल्कि सभी राजस्थानियों की मातृभाषा के सम्मान की गूंज है। गृह मंत्रालय को मामला सौंपे जाने से उम्मीद जगी है कि केंद्र सरकार जल्द ही राजस्थानी भाषा को उसका संवैधानिक हक प्रदान करेगी।



Aima मीडिया झालावाड़





2
231 views

Comment