रामनवमी पर मैहर में निकली भव्य शोभायात्रा, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम
दैनिक इंडिया न्यूज दर्शन
रिपोर्टर - इंजी. खेमचन्द कुशवाहा
चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर रामनवमी के शुभ दिन मैहर नगर में भव्य और आकर्षक शोभायात्रा का आयोजन बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। यह शोभायात्रा विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल एवं सर्व हिंदू समाज के तत्वावधान में श्री राम जानकी बड़ा अखाड़ा मैहर से प्रारंभ हुई। कार्यक्रम की शुरुआत बड़े अखाड़ा के महंत श्री श्री 1008 श्री सीता वल्लभ शरण जू महाराज द्वारा भगवान श्रीराम की प्रतिमा, झांकियों एवं उपस्थित गुरुजनों पर पुष्प अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई। इसके पश्चात शोभायात्रा नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई।
यह भव्य शोभायात्रा बड़ा अखाड़ा से निकलकर किला चौक, चौरसिया मोहल्ला, घंटाघर चौक, कटरा बाजार, काली माता मंदिर होते हुए चंडी देवी मंदिर पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत किया गया। लोगों ने पुष्प वर्षा कर भगवान श्रीराम की झांकियों का अभिनंदन किया और भक्ति भाव से जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
शोभायात्रा में सजी विभिन्न आकर्षक और जीवंत झांकियां लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं। इनमें भगवान श्रीराम, सीता माता, लक्ष्मण और हनुमान जी की झलकियां विशेष रूप से मनमोहक थीं। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल कलाकारों और ढोल-नगाड़ों की गूंज ने पूरे माहौल को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया। बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और युवा इस यात्रा में शामिल होकर अपनी आस्था प्रकट करते नजर आए।
इस दौरान मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी, भाजपा जिला अध्यक्ष कमलेश सुहाने, सांसद प्रतिनिधि संतोष सोनी सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। साथ ही विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र पटेल, शिव चौरसिया, रोहित चौरसिया, महेश तिवारी, विनय पांडे, अंबुज द्विवेदी, अंकुर सिंह ठाकुर, आलोक अग्रवाल, बालेंद्र शुक्ला, गणेश कुशवाहा, सूर्य प्रकाश चौरसिया, रविंद्र पांडे, मंजू महाराज सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही।
पूरे आयोजन को सफल बनाने में मैहर प्रशासन एवं पुलिस का विशेष योगदान रहा। सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजामों के चलते शोभायात्रा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को प्रकट किया, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक गौरव का भी संदेश दिया।