logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

बगिया वाली काली माता मंदिर से पूर्णागिरी धाम के लिए अखंड ज्योति पदयात्रा रवाना, पुलिसबल रहा उपस्थित

फतेहगंज पश्चिमी, बरेली। कस्बे के प्रसिद्ध बगिया वाली काली माता मंदिर से मां पूर्णागिरी मंदिर के दर्शन के लिए गुरुवार को भव्य ज्योति पदयात्रा श्रद्धा, आस्था और उल्लास के बीच रवाना हुई। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे पूरे कस्बे में भक्ति का माहौल छा गया।
सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर व मां का आशीर्वाद लेकर पदयात्रा का शुभारंभ हुआ। जैसे ही यात्रा आगे बढ़ी, “जय माता दी” के गगनभेदी जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु नाचते-झूमते हुए आगे बढ़े, जिससे पूरा कस्बा भक्तिमय हो गया।
इस दौरान दर्जनों भक्त विशेष रूप से ज्योति लेकर मां पूर्णागिरी धाम के लिए रवाना हुए। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के हाथों में ध्वज और धार्मिक पताकाएं लहराती नजर आईं। कई श्रद्धालु हाथ में ध्वज और माथे पर लाल चुनरी धारण किए हुए थे। महिलाओं की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही, जिन्होंने पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ पदयात्रा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
पूरे मार्ग में जगह-जगह अंकेश माली, सत्य प्रकाश सैनी , सोनू सैनी,सूरज सैनी,पंकज माली व अन्य पुष्प विक्रेताओं, कस्बावासियों और व्यापारियों द्वारा पुष्प वर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया गया।

इस अवसर पर ठाकुर सोनू सिंह, गुरु कृष्ण पाल, सचिन, भाजपा नेता अमन सिंह, मनोज सैनी, रवि सैनी, बबलू ,आचार्य पवन पांडेय, गौरव गुप्ता, मुकेश कुमार, सनी गुप्ता, शंकर लाल गुप्ता, कोविद भारद्वाज, सुभाष गोस्वामी, ठाकुर अनुराग सिंह उर्फ उमंग सिंह, कल्लू सिंह, राजा रस्तोगी, राजीव भास्कर, मोहन स्वरूप गंगवार, पवन सैनी सहित अनेक भक्तगण एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

पदयात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। कस्बा चौकी प्रभारी अनूप सिंह के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल विपिन कुमार, कांस्टेबल अक्षय कुमार, आदेश कुमार सहित अन्य पुलिस बल मुस्तैदी के साथ तैनात रहा, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न रही।
श्रद्धालुओं ने मां पूर्णागिरी से क्षेत्र की खुशहाली, समृद्धि और शांति की कामना की। यह पदयात्रा न केवल आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी देती नजर आई।
गौरतलब है कि हर वर्ष बगिया वाली माता मंदिर से इस प्रकार की पदयात्रा का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेकर मां के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हैं।

7
369 views

Comment